
एमडीएम अस्पताल में लाइफ सेविंग समेत कई मशीनें खराब होकर बन रही कबाड़
जोधपुर. राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद मथुरादास माथुर अस्पताल में लाइफ सेविंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मशीनें खराब हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उन्होंने काफी मशीनें सही करवा ली हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि अभी भी आइसीयू जैसी जगहों पर वेंटिलेटर तक खराब हैं। जबकि सरकार इन दिनों कोरोना वायरस व स्वाइन फ्लू समेत कई मौसमी बीमारियों को लेकर चिंतित हंै। इन उपकरणों की सर्वाधिक आवश्यकता मरीजों की लाइफ सेविंग के वक्त होती है। ऐसी समस्याओं के लिए सरकार ने छह माह पूर्व ही अस्पतालों को आगाह किया था। इन कार्यों की प्रिंसिपल सेक्रेटरी तक मॉनिटरिंग कर रहे हैं। एमडीएम में इन कार्यों को त्वरितता से निबटाने के लिए इंजीनियर भी लगा रखा है, लेकिन उसके बावजूद काम अभी तक त्वरित गति से नहीं हो रहे है।
ये मशीनें हैं खराब
- ट्रोमा आइसीयू में दो वेंटिलेटर खराब हैं।
- सर्जिकल आईसीयू में तीन से चार वेंटिलेटर खराब
- मेडिकल आईसीयू में दो वेंटिलेटर खराब है।
- लंबे समय से यहीं एक सोनोग्राफी की मशीन खराब है।
- इन्फ्यूजन पंप भी खराब हैं।
- डिसीबिलेटर तक खराब पड़े है।
- मेडिकल इमरजेंसी वार्ड में भी दो वेंटिलेटर खराब
इनका कहना हैं...
हमारे यहां अमूमन उपकरण सही हो चुके हैं। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग लगाया गया है। वेंटिलेटर भी बहुत सारे ठीक हो गए हैं। जहां खराब हैं, वहां कंपनी को सामान के लिए ऑर्डर दिया हुआ है। पॉवर सप्लाई भी ठीक कराई गई है। बहुत सारी चीजें ऐसी हैं, जिसमें बड़े एस्टीमेट थे, उनको लोकल लेवल पर सही करा दिया है।
- डॉ. देवेश गुप्ता, इंचार्ज, एमओआईसी रिपेयर
Published on:
15 Mar 2020 04:55 pm

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