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बहन के गर्भवती होने का भी ख्याल नहीं रखा, पीटने के बाद बेखौफ होकर बनाते रहे वीडियो

बिलाड़ा (जोधपुर). अपने बहन के अन्तरजातीय विवाह से खफा भाइयों व बहनों ने भौजाइयों के साथ मिलकर कालाऊना गांव में गर्भवती दलित युवती व उसके पति को पीट-पी

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बिलाड़ा (जोधपुर). अपने बहन के अन्तरजातीय विवाह से खफा भाइयों व बहनों ने भौजाइयों के साथ मिलकर कालाऊना गांव में गर्भवती दलित युवती व उसके पति को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इस जानलेवा हमले से पहले दम्पती को परिजनों ने रस्सी से बांध दिया। उनकी दबंगई की आलम यह था कि पिटाई से अधमरी हालत में पहुंचे दम्पती को वहां खड़े किसी ग्रामीण ने छुड़ाने का प्रयास नहीं किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस को भी घायलों को छुड़ाने पर विरोध का सामना करना पड़ा। थानेदार भंवरलाल ने दबंगइयों का विरोध बढ़ते देख निकटवर्ती खेजड़ला पुलिस चौकी से जाब्ता बुलाया तथा दोनों को पुलिस के घेरे में लेकर हाथ-पैर खोले और पुलिस गाड़ी में डालकर घटनास्थल से दूर ले गए। वहां मंगवाई हुई 108 एम्बुलेंस से जोधपुर के एमडीएम चिकित्सालय भेजकर भरती करवाया गया। जहां दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हाथ-पैर तोड़ डाले

कालाउना गांव की सुमित्रा (23) रेगर ने रामपुरिया गांव के ओमप्रकाश जाट के साथ अन्तरजातीय विवाह किया था। दोनों पति-पत्नि अपने कुंए पर कृषि कार्य करते थे। शुक्रवार दोपहर दोनों पति-पत्नि खेत में खड़ी फसल की कटाई के लिए मजदूरों को दिहाड़ी पर तय करने के लिए ट्रेक्टर से कालाउना गांव के रेगरोंं के मोहल्ले में पहुंचे, उसी दौरान सुमित्रा और उसके पति ओमप्रकाश को सुमित्रा के भाई-बहन एवं भौजाईयां ने अपने घरों से लाठियां लेकर निकले और दोनों को ट्रेक्टर से नीचे पटककर दोनों के हाथ-पैर बांध दिए और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पिटाई के दौरान ओमप्रकाश के दोनों हाथ व एक पैर तोड़ डाला। गर्भवती होने के कारण वह बेहोश होकर गिर पड़ी और खून बहने लगा।


अन्तरजातीय विवाह से खफा

थानाप्रभारी गौतम जैन के मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उक्त घटना की जानकारी सूचना मिलते ही थानेदार भंवरलाल मीणा मय जाब्ता घटना स्थल पर पहुंचे, उस समय उक्त दम्पति बेहोशी की हालत में अधमरे पड़े थे और गांव के काफी संख्या में लोग मूकदर्शक बने खड़े थे। उक्त रेगर परिवार की दबंगाई के आगे कोई व्यक्ति इनका विरोध नहीं कर पाया, पुलिस के पहुंचने पर सुमित्रा के पीहरजनों ने अधमरे पड़े ओमप्रकाश के हाथ-पैर खोलने के दौरान विरोध किया। महिलाएं आगे आ गई, सभी यही कह रही थी कि इस लड़की ने अन्तरजातीय विवाह कर समाज में हमारी नाक कटवा दी। अतिरिक्त जाब्ता बुलाकर पुलिस ने उन्हें छुड़ाया। साथ ही पुलिस ने मौका पाकर दबंगईयों में से मन्जू पुत्री रूपाराम, गजराई धर्मपत्नि रूपाराम, रामनिवास एवं जीवराज पुत्र रूपाराम को हिरासत में लेकर थाने ले आए, और शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

दोनों इमरजंसी वार्ड में भर्ती
उक्त वारदात की शनिवार तक भी पीडि़तों की ओर से रिपोर्ट नहीं आने पर थानाप्रभारी गौतम जैन ने अपने थाने के थानेदार बलदेवराम चौधरी को जोधपुर के एमडीएम चिकित्सालय भेजा, जहां के इमरजेंसी वार्ड में ओमप्रकाश जाट एवं उसकी पत्नी सुमित्रा को भरती किया हुआ था। ओमप्रकाश के परिजनों को घटना की जानकारी होने पर वे भी शनिवार को ही जोधपुर पहुंंचे। जिनकी मौजूदगी में ओमप्रकाश ने सम्पूर्ण घटना की जानकारी थानेदार को दी, जिसमें बताया कि उसको और उसकी पत्नी की निर्ममता से पिटाई करने वालों में उदाराम, घनश्याम, बाहू, मंजू, जीवराज और गजरादेवी के नाम बताए, जिस पर थानेदार ने पर्चा बयान लेकर मामला दर्ज किया।

आरोपियों को पुन: लिया हिरासत में
शनिवार को मामला दर्ज होने के बाद दम्पति की निर्ममता से पिटाई के जिन आरोपियों को शनिवार को यहां न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया था, उन्हें वारदात की विस्तृत जानकारी एवं पूछताछ के लिए पुन: हिरासत में लिया गया।