
पंचायतीराज चुनावों के समय याद आए मूल-निवास व जाति प्रमाण पत्र
देणोक (जोधपुर) . पंचायतीराज चुनाव की राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तारीख घोषित होने के साथ ही चुनाव लडऩे के इच्छुक अधिकांश लोगों को अपने मूल-निवास व जाति प्रमाण पत्र बनाने की याद आई है।
कस्बे सहित क्षेत्र के गांवों में संचालित होने वाले ई-मित्र केन्द्रों में इन लोगों की भीड़ उमड़ रही है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के आस-पास की कई ग्राम पंचायतों में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित हैं और उनके पास पहले से मूल-निवास-जाति प्रमाण पत्र बने हुए नहीं होने के कारण वे ई-मित्र, तहसीलदार व उपखण्ड कार्यालयों केबीच चक्कर निकाल रही हैं।
अनिवार्य नहीं है शैक्षिक योग्यता
पांच साल पूर्व पंचायतीराज चुनावों में राज्य निर्वाचन विभाग की ओर से सरपंच पद के लिए आठवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया था। इस स्थिति में शिक्षित व युवा सरपंच जीतकर ग्राम पंचायतों में पहुंचे थे। सरपंच पद के लिए शिक्षा की अनिवार्यता होने के कारण अधिकांश युवा सरपंच पद के उम्मीदवारों के पास अपने मूल-निवास व जाति प्रमाण पत्र पहले से तैयार थे। इसलिए उनको अचानक इस प्रकार के कागजातों के लिए फिरने की जरूरत नहीं पड़ी।
कागज तैयार करें या प्रचार
पंचायतीराज चुनाव के मतदान के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सरपंच व वार्डपंच पद के दावेदार उम्मीदवारों को दोहरी चिन्ता सता रही है। वे चुनाव पर्चा भरने से पहले अपने सभी जरूरी कागज तैयार करें या मतदाताओं से मिलें और चुनाव प्रचार करें।
सरपंच पद के लिए जरूरी कागजात
निर्वाचन विभाग की ओर से पंचायतीराज चुनाव 2020 के लिए सरपंच पद के उम्मीदवारों के लिए जरूरी कागजात मांगे है उसमें सरपंच पद के उम्मीदवार की आयु 21 साल, आधार कार्ड , जन्म दिनांक, मोबाइल नम्बर अपडेट, मतदाता परिचय पत्र, दो से अधिक संतान न हो इसका शपथ पत्र, पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र,जाति प्रमाण पत्र, अपनी चल व अचल सम्पति प्रमाण पत्र तहसील से करवाना होगा, पैनकार्ड, जमानत राशि, शौचालय शपथ प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, आय प्रमाण पत्र चार पेज वाला, किसी भी सरकारी पद पर कार्यरत न होने का शपथ पत्र देना होगा।
Published on:
31 Dec 2019 12:04 am
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