12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

रेलवे की इस सख्ती से चली जाएगी 13 हजार 521 कर्मचारीयों की सरकारी नौकरी

वे कर्मचारी जो विभाग में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे है। ऐसे कर्मचारियों को रेलवे निलंबित करने की तैयारी कर रहा है।

2 min read
Google source verification
Railway Board Take Action

Railway Board Take Action

जोधपुर


रेल मंत्रालय अब रेलवे विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों लिए सख्ताई बरतने जा रहा है। मंत्रालय ने एक रिपोर्ट बनाई है इस रिपोर्ट के मुताबिक वे कर्मचारी जो विभाग में कार्य सही रूप से नहीं कर रहे है और लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे है। ऐसे कर्मचारियों को रेलवे निलंबित करने की तैयारी कर रहा है। रेल मंत्रालय ने हाल ही में अपने कर्मचारियों की लिस्ट तैयार है. अब इस तैयार लिस्ट के जरिए सभी कर्मचारियों की कार्य की रिपोर्ट आंकी जाएगी और ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी जो लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे है।

READ : कांग्रेस के इस दांव से अब राजस्थान सहित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी होगी कांग्रेस की सरकार

रेलवे ने कर्मचारियों के लिए अपनाई सख्ती

रिपोर्ट बनाने के साथ ही रेलवे विभाग ने सख्ताई के साथ विभिन्न जोनल रेलवे व पीएसयू से करीब 13 हजार से अधिक कर्मचारियों को बाहर करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। रेल मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को गंभीर लेते हुए संसद में भी इसे पेश कर दिया है। संसद रिपोर्ट पेश करने के बाद अब रेलवे लिस्ट में शामिल कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने वाला है। इस लिस्ट में 13 हजार 521 कर्मचारी के नाम शामिल है।

READ : राजस्थान की जनता ने मुख्यमंत्री राजे को दिलाया विश्वास, आगामी चुनाव में बनेगी भाजपा की सरकार!

जांच में पाए 13 हजार 521 कर्मचारी अनुपस्थित

रेलवे ने एक जांच में पाया की विभाग के बहुत से कर्मचारी अनुपस्थित होकर भी वेतन उठा रहे हैं। इस के बाद रेलवे ने ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार की जो बिना कारण अनुपस्थित चल रहे हैं और वेतन उठा रहे है। रेलवे बोर्ड ने रेलवे के जोन प्रभारियों को सूची बनाने का आदेश जारी किया और कर्मचारियों की सूची में गलत सत्यापन पाए जाने पर प्रभारी का वेतन काटे जाने का प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान इस सूची में पूरे 13 हजार 521 कर्मचारीयों के नाम पाए गए।
इस पर रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर कहा कि कर्मचारी के काम की सत्यापन उसके प्रभारी द्वारा किया जाये और गलत सत्यापन होता है तो प्रभारी के वेतन से राशि काटी जाये। बस उसके बाद जमीनी रिपोर्ट तैयार की गई। जिसमे 13 हजार 521 कर्मचारी अनुपस्थित पाये गए।