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पिता गांव में परचून की दुकान चलाते, बेटा बिना कोचिंग किए पहले प्रयास में ही बन गया IPS, अब इस कारण हो रही चर्चा…

UPSC Success Story: उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए शहर का रूख किया। उन्होंने अहमदाबाद की एक यूनिवर्सिटी से बीटेक किया और फिर सरकारी भर्ती परीक्षाओं की भी तैयारी जारी रखी।

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IPS Hement Kalal: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाले आईपीएस हेमंत कलाल चर्चा में है। उन्हें जोधपुर जिले में ट्रेनी आईपीएस लगाया गया है। चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि जब वे नियमानुसार जोधपुर सेंट्रल जेल में रेड करने गए तो उनको और उनकी टीम को जेल के बाहर कुछ देर के लिए रोक दिया गया। बाद में उनको अंदर जाने दिया गया। माना जा रहा है कि इस बीच जेल में खेल कर दिया गया। फिलहाल इसकी रिपोर्ट उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को भी दी है।

कलाल एक सुलझे हुए अफसर है और बेहद ही मेधावी हैं। वे साधारण परिवार से आते हैं। उन्होनें यूपीएससी 2021 परीक्षा में 371वीं रैंक हासिल की थी। परिवार की बात करें तो उनके पिता डूंगरपुर जिले के ही एक छोटे से गांव डामरी में परचून की दुकान लगाते थे। उनकी पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई। उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए शहर का रूख किया। उन्होंने अहमदाबाद की एक यूनिवर्सिटी से बीटेक किया और फिर सरकारी भर्ती परीक्षाओं की भी तैयारी जारी रखी।

सबसे पहले उनको यूपी में आबकारी इंस्पेक्टर का पद मिला। लेकिन उनका सपना प्रशासनिक सेवा थी। पढ़ाई लगातार जारी रखी गई और वे राजस्थान प्रशासनिक सेवा में अफसर बने। उसके बाद भी नहीं थमे और तीन महीने के बाद ही यूपीएससी का परिणाम आया। आईएएस बनना चाहते थे लेकिन आईपीएस बने। बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में सफलता पाने वाले कलाल का कहना है कि गुरुजनों और परिवार का आर्शीवाद रहा। उनका कहना है कि सफलता का शॉर्टकट नहीं है। मेहनत के बल पर ही बड़े मुकाम पाए जा सकते हैं।