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Rajasthan Elections: इन सीटों पर आसान नहीं होगी भाजपा-कांग्रेस की राह, होगा त्रिकोणीय मुकाबला

Rajasthan Elections: विधानसभा चुनाव में बगावत का बिगुल बजाने वाले कई प्रत्याशियों का जोश नामांकन के अंतिम दिन ठंडा हो गया। बगावती तेवर रखने वाले कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन वापसी के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस के समर्थन में अपने नामांकन वापस ले लिए।

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विधानसभा चुनाव में बगावत का बिगुल बजाने वाले कई प्रत्याशियों का जोश नामांकन के अंतिम दिन ठंडा हो गया। बगावती तेवर रखने वाले कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन वापसी के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस के समर्थन में अपने नामांकन वापस ले लिए। इस बीच सूरसागर विधानसभा से एक महिला प्रत्याशी एन वक्त पर नामांकन वापस लेने पहुंची, लेकिन समय पूरा हो जाने के कारण वो नामांकन वापस नहीं ले सकी। दरअसल, विधानसभा चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम दिन पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ ही दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेता गुणा-भाग करके निर्दलियों को बिठाने के लिए मशक्कत करते रहे। नेताओं की यह जुगत काफी हद तक काम भी कर गई। अब देखने वाली बात यह होगी कि नेताजी के कहने पर नामांकन वापस लेने वाले निर्दलियों का कार्य सरकार आने के बाद होता है या नहीं या फिर उनके साथ पद देने के वादे को दोनों प्रमुख पार्टियां निभाती है या नहीं।

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भोपालगढ़ में फिर होगा त्रिकोणीय मुकाबला
विधानसभा चुनाव को लेकर गुरुवार को नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन तक केवल एक प्रत्याशी ने ही नामांकन वापस लिया। इसके बाद यहां से चुनाव मैदान में 6 उम्मीदवार हैं। लेकिन गत चुनाव की तरह इस बार भी कांग्रेस व भाजपा के साथ रालोपा प्रत्याशी की मौजूदगी से मुकाबला फिर से त्रिकोणीय ही बने रहने के आसार है।

लोहावट में बिगड़ सकते है समीकरण
नाम वापसी के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। इस बार लोहावट में कांग्रेस से किसनाराम विश्नोई, भाजपा से गजेन्द्रसिंह खींवसर एवं रालोपा से सत्यनारायण विश्नोई के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बनता नजर आ रहा है। पहली बार लोहावट विधानसभा क्षेत्र में चुनावी मैदान में उतरी रालोपा दोनों दलों कांग्रेस व भाजपा के समीकरण को बिगाड़ सकती है।

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फलोदी में तस्वीर हुई साफ
फलोदी विधानसभा में इस बार जोधपुर की दस सीटों में से सबसे कड़ी टक्कर वाली सीट बन गई है। भाजपा के पब्बाराम विश्नोई का कांग्रेस से पहली बार चुनाव प्रत्याशी बनाए गए प्रकाश छंगाणी से मुकाबला है। मैदान में कुल दस प्रत्याशी मैदान में है, लेकिन भाजपा व कांग्रेस में मुकाबला माना जा रहा है। कांग्रेस से नाराज होकर बागी बने कुम्भसिंह पातावत ने नामांकन वापसी के अंतिम दिन नामांकन वापस ले लिया।

शेरगढ़ में सीधी टक्कर की संभावना
विधानसभा क्षेत्र में नाम वापसी के अंतिम दिन एक निर्दलीय प्रत्याशी ने अपना नाम वापस लिया। अब शेरगढ़ में कांग्रेस, भाजपा एवं आरएलपी सहित कुल 8 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। यहां अब भाजपा के बाबूसिंह राठौड़ और कांग्रेस से मीना कंवर के बीच सीधा मुकाबला बताया जा रहा है। यहां कहीं न कहीं रालोपा के प्रत्याशी का भी असर दिखने के आसार है।

बिलाड़ा में हो सकती है सीधी टक्कर
विधानसभा क्षेत्र से अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत करने वाले 12 अभ्यर्थियों में से अब चुनाव मैदान में सिर्फ 6 प्रत्याशी ही रहे हैं। अंतिम दिन चार प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। दो प्रत्याशियों के नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज हो गए। बताया जा रहा है कि बिलाड़ा में भाजपा के अर्जुनलाल गर्ग और कांग्रेस के मोहनलाल कटारिया के बीच सीधी टक्कर होने की संभावना है।

लूणी में रालोपा व बसपा बिगाड़ेंगे गणित
लूणी विधानसभा क्षेत्र में नाम वापसी के बाद अब पांच प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। चार निर्दलीय प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया। नाम वापसी के पश्चात अब भाजपा के जोगाराम पटेल, इंडियन नेशनल कांग्रेस के महेन्द्रसिंह विश्नोई, रालोपा के बद्रीलाल, बसपा के राजूराम एवं भीम ट्राइबल कांग्रेस के उगमाराम भील के बीच मुकाबला होगा।

ओसियां से अब 6 उम्मीदवार मैदान में
नामांकन वापसी के अंतिम दिन ओसियां विधानसभा क्षेत्र से कुल 9 में से दो प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। नामांकन वापसी के बाद यहां तस्वीर साफ हो गई है। यहां पर भाजपा के भैराराम सियोल और कांग्रेस की दिव्या मदेरणा के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है।

शहर विधानसभा में सीधी टक्कर
शहर विधानसभा में भी नामांकन वापसी के दौरान कई निर्दलीयों ने कांग्रेस के पक्ष में अपने नामांकन वापस ले लिए। खुद कांग्रेस की प्रत्याशी मनीषा पंवार और उनकी टीम ने इस काम को अपने हाथ में लिया। निर्दलियों को नाम वापस लेने के लिए पंवार अपनी गाड़ियों में बिठाकर रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय तक लेकर आईं। वे एक साथ तीन निर्दलीय को अपने साथ लेकर पहुंचीं और उन्हें कांग्रेस के समर्थन में बिठाया। हालांकि इस सीट पर पहले भी कांग्रेस की मनीषा पंवार और भाजपा के अतुल भंसाली के बीच सीधा मुकाबला था, लेकिन निर्दलियों के नाम वापस लेने से इस सीट पर वोटों का ध्रुवीकरण होगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि ध्रुवीकरण का फायदा कांग्रेस को मिलता है या भाजपा को।

सरदारपुरा विधानसभा में गहलोत-राठौड़ आमने-सामने
कांग्रेस का गढ़ बनी सरदारपुरा विधानसभा पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भाजपा प्रत्याशी प्रो. महेंद्र सिंह राठौड़ आमने-सामने हैं। इस सीट से गहलोत लगातार सातवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि भाजपा इस सीट पर बार-बार चेहरे बदल रही है, लेकिन भाजपा को पिछले छह चुनावों में सफलता नहीं मिली है। हालांकि कांग्रेस की टीम यहां पर भी कई नाराज निर्दलियों से नामांकन वापस दिलवाने में सफल रही। सरदारपुरा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़ी हुई शहनाज बानो को महिला कांग्रेस में पदाधिकारी बनने की बात कही गई तो उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। इधर, उनके पति महबूब ने भी शहर विधानसभा से नामांकन दाखिल किया था। उन्हें कांग्रेस काफी समय तक ढूंढती रही, लेकिन वो नहीं मिले।