18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर में खुलेगा प्रदेश का एकमात्र खेल विश्वविद्यालय, राज्य सरकार ने प्रशासन से मांगी रिपोर्ट

प्रदेश के एकमात्र सरकारी फिजीकल कॉलेज में स्थापित हो सकता है विश्वविद्यालय, तीन सदस्यीय कमेटी ने ग्वालियर के खेल विश्वविद्यालय का अध्ययन किया  

2 min read
Google source verification
sports university in jodhpur

जोधपुर में खुलेगा प्रदेश का एकमात्र खेल विश्वविद्यालय, राज्य सरकार ने प्रशासन से मांगी रिपोर्ट

अमित दवे/जोधपुर. जोधपुर में विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ ही अब खेल-खिलाडिय़ों के विकास के लिए शारीरिक शिक्षा व खेल विश्वविद्यालय की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार ने प्रदेश के एकमात्र सरकारी फिजीकल कॉलेज में खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने की संभावनाओं, संसाधनों व सुविधाओं से संबंधित प्रस्ताव मांगे हैं। इस संबंध में तीन सदस्यीय कमेटी ने ग्वालियर की लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर, संसाधनों व उपलब्ध सुविधाओं का अध्ययन किया है। यह कमेटी एक-दो दिन में अपनी रिपोर्ट कलक्टर को प्रस्तुत करेगी, जो सरकार को भेजी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में बजट 2012-13 में सरकार ने झुंझुनू में खेल विश्वविद्यालय घोषित किया था, लेकिन यह कागजों में ही चलता रहा।


ये थे कमेटी में शामिल

जिला कलक्टर के आदेश पर अपर जिला मजिस्ट्रेट शहर प्रथम सीमा कविया ने ग्वालियर के खेल विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर, संसाधनों व सुविधाओं के अध्ययन के लिए एक कमेटी बनाई। जिसमें जेएनवीयू क्रीड़ा मण्डल सचिव व शारीरिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. अमनसिंह सिसोदिया, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद से क्षेत्रीय खेलकूद प्रशिक्षण केन्द्र जोधपुर के खेल अधिकारी गोविन्दसिंह परिहार व फिजीकल कॉलेज के वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक डॉ. अभिनव राठौड़ को नियुक्त किया। इस टीम ने जुलाई के पहले सप्ताह में ग्वालियर के खेल विश्वविद्यालय की विजिट की थी।

300 विद्यार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं
वर्ष1999-2000 से पहले इस कॉलेज में सीपीएड व डीपीएड कोर्स करवाया जाता था। वर्ष 1999-2000 में दोनों कोर्स बंद कर दिए गए, जो 1 वर्षीय पाठ्यक्रम थे। वर्ष 2000 से बीपीएड पाठ्यक्रम शुरू किया गया और 3 वर्ष पूर्व बीपीएड कोर्स शुरू किया गया। वर्तमान में यह दोनों कोर्स द्विवर्षीय चल रहे हैं। वर्तमान में, कॉलेज में कुल 300 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले रहे हैं।

उच्च शिक्षा का हब

खेल विश्वविद्यालय स्थापित हो जाने से पश्चिम राजस्थान को एक और विश्वविद्यालय मिलेगा। खेल व खिलाडिय़ों के विकास में तुलनात्मक रूप से पीछे चल रहे राजस्थान में खेलों के विकास का माहौल बनेगा बनेगा। विशेषज्ञों द्वारा तैयार अच्छे खेल प्रतिभाएं आगे आएंगी। वर्तमान में जोधपुर में जेएनवीयू, एनएलयू, आयुर्वेद, कृषि, पुलिस विश्वविद्यालय सहित आइआइटी, एफडीडीआइ, एम्स, निफ्ट सरीखे उच्च शिक्षण संस्थान है।

डिप्लोमाधारी को भी मिलेगा फायदा
फिजीकल कॉलेज में डिप्लोमा इन फिजीकल एजुकेशन (डीपीएड) का पाठ्यक्रम स्कूली शिक्षा विभाग के अधीन संचालित हो रहा है। जिसमें प्रवेश के लिए शैक्षणिक अर्हताएं सीनियर सैकेण्डरी व स्कूली खेलकूद प्रमाण पत्र होना जरूरी होता है। प्रवेश लेने के बाद उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को खेलने के अवसर नहीं मिल पाता। यदि शारीरिक शिक्षा व खेल विवि खुलता है तो उक्त पाठ्यक्रम का संचालन विवि के अधीन होने से इन प्रशिक्षणार्थियों को खेलने के अवसर के साथ उच्च स्तरीय शिक्षण के अवसर भी प्राप्त होंगे। जेएनवीयू में एमपीएड कोर्स संचालित हो रहा है। जिसका लाभ भी यहां के विद्यार्थियों को मिल सकता है।

विश्वविद्यालय स्थापना के मजबूत पक्ष

- प्रदेश का एकमात्र सरकारी फिजीकल कॉलेज
- साढ़े बासठ बीघा जमीन में फैला परिसर
- पूर्ण शैक्षणिक वातावरण
- सभी पाठ्यक्रम संचालित हो रहे है
- विश्वविद्यालय के प्राथमिक स्तर पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध
- बालक-बालिका हॉस्टल सुविधा उपलब्ध

विश्वविद्यालय स्थापना के कमजोर पक्ष

- मैदान स्तरीय नहीं
- महाविद्यालय ऑनलाइन नहीं है
- इन्डोर स्टेडियम, जिम, स्वीमिंग पुल नहीं
- टेनिस कोर्ट, बास्केटबॉल मैदान को मरम्मत की जरूरत
- मेडिकल सुविधा नहीं
- बिजली-पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं
- बिल्डिंग पुरानी, मरम्मत की दरकार

इनका कहना है

जोधपुर में खेल विश्वविद्यालय बनता है तो यह जोधपुर के लिए गौरव की बात होगी। हमारी टीम ने ग्वालियर के खेल विश्वविद्यालय का विजिट कर वहां की बिल्डिंग, मानव संसाधन, खेल सुविधाओं आदि का अध्ययन किया। रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही जिला कलक्टर को प्रस्तुत कर देंगे।
डॉ. अमनसिंह सिसोदिया, सचिव जेएनवीयू क्रीडा मण्डल सचिव व तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्य


बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग