राजस्थान हाईकोर्ट को चार और न्यायाधीश मिल गए। केन्द्र सरकार ने बुधवार को चार अधिवक्ताओं की न्यायाधीश नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी।
राजस्थान हाईकोर्ट को चार और न्यायाधीश मिल गए। केन्द्र सरकार ने बुधवार को चार अधिवक्ताओं की न्यायाधीश नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। इनमें से आनंद शर्मा जयपुर और सुनील बेनीवाल, संदीप शाह व मुकेश राजपुरोहित जोधपुर से हैं।
शर्मा वर्तमान में केन्द्र सरकार के सीनियर काउंसल है, जबकि राजपुरोहित डिप्टी सॉलीसिटर जनरल, बेनीवाल राजस्थान बार काउंसिल के सदस्य हैं। शाह राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता रह चुके हैं। केन्द्रीय विधि राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन चारों की नियुक्ति के बारे में जानकारी सार्वजनिक की।
सुप्रीम कोर्ट ने इन चारों सहित सात अधिवक्ताओं को राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इनमें से अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप तनेजा, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता शीतल मिर्धा व राजस्थान बार काउंसिल के सदस्य बलजिंदर सिंह संधू के नाम अभी लंबित हैं।
सुनील बेनीवाल : 1 जून 1974 को जन्मे बेनीवाल ने जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी से विज्ञान में स्नातक करने के बाद मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी और जोधपुर से एलएलएम किया। उन्होंने 1998 में राजस्थान बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस सिंघवी के साथ संवैधानिक, सिविल, राजस्व और सेवा मामलों में प्रैक्टिस की।
बेनीवाल ने अपने कॅरियर में कई प्रमुख संस्थानों जैसे भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और विकास प्राधिकरण, बीकानेर के लिए विधिक परामर्शदाता के रूप में कार्य किया। वे राजस्थान हाईकोर्ट, सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण और जिला न्यायालयों में नियमित रूप से प्रैक्टिस करते रहे हैं। 2014 में वे राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव चुने गए और 2022 में राजस्थान बार काउंसिल के अध्यक्ष बने। 2019 में उन्हें राजस्थान सरकार का अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया।
मुकेश राजपुरोहित : 12 मई 1974 को जन्मे राजपुरोहित ने बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1999 में वकालत शुरू की। वे पिछले 25 वर्षों से मुख्य पीठ में विभिन्न प्रकार के मामलों में प्रैक्टिस कर रहे हैं, जिनमें सिविल, सेवा, संवैधानिक और आपराधिक कानून शामिल हैं।
राजपुरोहित वर्तमान में केंद्र सरकार के लगातार दूसरी बार डिप्टी सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वे नेशनल मेडिकल कमीशन, सीबीआई, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, भारतीय लेखा और लेखा परीक्षा विभाग, जय नारायण व्यास तथा महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के लिए भी विधिक परामर्शदाता के रूप में कार्य कर चुके हैं।
संदीप शाह : 15 अगस्त 1976 को जन्मे शाह की प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में हुई। बाद में 1985 में जोधपुर आकर सेंट एन्स स्कूल से स्कूली पढ़ाई पूरी की। उन्होंने जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी से वाणिज्य में स्नातक करने के बाद मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में एलएलबी की पढ़ाई शुरू की, लेकिन पारिवारिक कारणों से जोधपुर लौटकर 2000 में जेएनवीयू से कानून की डिग्री पूर्ण की।
उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रहे गोविंद माथुर के साथ अपने कॅरियर की शुरुआत की और संवैधानिक एवं सिविल मामलों में विशेषज्ञता हासिल की। शाह राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के सचिव भी रहे। 2019 में उन्हें राजस्थान सरकार का अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया। वर्ष 2022 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया।