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Asaram: उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, अस्पताल में इलाज की छूट

Asaram News: आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर राहत मिली है। अदालत ने जेल प्रशासन को उनके इलाज और आवश्यक सुविधाएं जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 4 Jun 2026, 4:18 PM IST

Asaram News

आसाराम। फाइल फोटो- पत्रिका

जोधपुर। नाबालिग से यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर राहत मिली है। हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि उनकी आयु और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में उपचार की सुविधा भी दी जाए। कोर्ट ने आसाराम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

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वकीलों ने कहा- नियमित निगरानी जरूरी

याचिका में कहा गया था कि बढ़ती उम्र और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें विशेष चिकित्सा देखभाल, नियमित जांच और कुछ सुविधाओं की आवश्यकता है। अदालत ने मामले में पूर्व में दिए गए न्यायिक आदेशों और उपलब्ध चिकित्सा रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद जेल प्रशासन को आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से अधिवक्ता आरएस सलूजा और यशपाल राजपुरोहित ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि आसाराम लंबे समय से कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं और उनकी नियमित निगरानी जरूरी है।

जेल प्रशासन को निर्देश

अधिवक्ताओं ने विशेष चिकित्सकीय परामर्श, उपयुक्त भोजन व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं जारी रखने का आग्रह किया। अदालत ने कहा कि किसी भी कैदी के स्वास्थ्य की सुरक्षा और उपचार सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि पूर्व में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

आदेश के अनुसार, यदि आसाराम की तबीयत अधिक बिगड़ती है या जोधपुर सेंट्रल जेल में पर्याप्त उपचार संभव नहीं होता है तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराने की अनुमति दी जा सकेगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चिकित्सा संबंधी जरूरतों के मामले में समय पर निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि किसी प्रकार की स्वास्थ्य जटिलता उत्पन्न न हो। उल्लेखनीय है कि हाल ही में स्वास्थ्य कारणों के आधार पर राहत की मांग को लेकर भी मामला अदालत में पहुंचा था। वहीं, कुछ दिन पहले उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जेल प्रशासन को उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।