
Wheat Datia
अमित दवे
Jodhpur News: उत्तर भारत में प्रमुख रूप से खाया जाने वाले गेहूं के भाव लगातार बढ़ते जा रहे है। गेंहू के भाव बढ़ने से आटा भी महंगा हो गया है। इससे आमजन के लिए रोटी महंगी हो गई है। दरअसल, केन्द्र सरकार ने गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए आटा मिलर्स को गेहूं बेचने का निर्णय किया था।
केन्द्र सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को अपने भंडार से 23250 रुपए प्रति टन पर गेहूं बेचने की मंजूरी दी, लेकिन करीब एक माह बाद भी सरकार की ओर से गेहूं की बिक्री शुरू नहीं हो पाई है, अभी तो इसके लिए टेंडर भी नहीं निकले है। इससे गेहूं और परिणामस्वरूप आटे के दामों में बढ़ोतरी होना शुरू हो गई है। अनाज व्यापारियों के अनुसार सरकार ने जल्द ही ओपन मार्केट में गेहूं की बिक्री शुरू नहीं की तो घरेलू बाजार में गेहूं की बढ़ती कीमत को थामना मुश्किल हो जाएगा और महंगाई और ज्यादा बढ़ जाएगी।
जोधपुर में गेहूं की अधिकांश सप्लाई कोटा, एमपी बॉर्डर क्षेत्र, बारां, बूंदी आदि से होती है। राजस्थान में गेहूं का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र श्रीगंगानगर है, लेकिन जोधपुर में गंगानगर से आटे की सप्लाई होती है।
क्वालिटी- 2 माह पहले- वर्तमान- होलसेल भाव
अच्छी या उच्च- 3150-3200 3350-3400
मध्यम 2850-2900 3050-3100
निम्न 2600-2650 2800-2850
● 26 किलो आटा की थैली पहले 750 रुपए, अब 820 रुपए यानि 31 रुपए प्रति किलो।
● 10 किलो आटा की थैली पहले 325 रुपए, अब 340 रुपए।
● ग्राहक को दस किलो आटा खरीदने पर 15 रुपए व 26 किलो पर 70 रुपए ज्यादा देने पड़ रहे।
सरकार ने जल्द ही गेहूं बेचान प्रक्रिया शुरू नहीं की तो, आने वाले दिनों में भाव और बढ़ जाएंगे।
गेहूं के दाम बढ़ने से आटा महंगा हो गया है। वहीं, मैदा, सूजी के दाम भी बढ़ गए है। दस किलो पर 15 रुपए बढ़ गए है।
Published on:
16 Aug 2024 08:00 am
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