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जोधपुर। बीमारी का इलाज सही नहीं करने पर राज्य उपभोक्ता आयोग जोधपुर बेंच ने सेवा दोष मानते हुए यश अमन अस्पताल को मरीज से वसूली गई राशि वापस देने के साथ जुर्माना लगाया। आयोग ने कहा कि परिवारीगण द्वारा जमा राशि 22 हजार रुपए, मानसिक वेदना के 50000, परिवाद व्यय के 25000 रुपए 9% वार्षिक दर से ब्याज सहित अदा करें।
राज्य आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कच्छवाहा, न्यायिक सदस्य केदारलाल गुप्ता, सदस्य लियाकत अली के समक्ष मृतक के वारिसान की ओर से परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि मृतक सीढ़ियों से गिर गया था। गर्दन में दर्द होने पर नागौर अस्पताल में दिखाया गया। दर्द कम नहीं होने पर उसे जोधपुर रेफर किया गया। रास्ते में निजी अस्पताल के बड़े-बड़े विज्ञापनों से प्रभावित होकर मरीज को वहां ले गए।
मरीज की कई जांचें करवाई तथा पचास हजार रुपए जमा करवाए। मरीज की स्पाइनल कॉर्ड में सूजन बता दी और एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन कर दिया। मरीज के गुर्दे एकदम सही थे परंतु ऑपरेशन के दुष्प्रभाव से गुर्दों की हालत निरंतर खराब होने लगी।
अस्पताल में गुर्दा रोग विशेषज्ञ नहीं थे, मरीज की हालत खराब होने पर एमडीएम अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां मरीज की मृत्यु हो गई। परिवादी ने क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की।
जवाब में यश अमन अस्पताल की ओर से कहा कि मरीज को विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवाएं उपलब्ध करवाई गई तथा मरीज के परिजनों की सहमति से ऑपरेशन किया गया। रिश्तेदारों के कहने पर एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया। आयोग ने सभी पक्षों को सुनकर निजी हॉस्पिटल यश अमन को दोषी मनाते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला किया।
Published on:
03 Mar 2024 05:32 pm

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