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Jodhpur: राजस्थान में ही आयुर्वेद दवाओं की जांच, डीआरएल जांच में दवा की शुद्धता पर लगेगी मुहर

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में राजस्थान की पहली उच्च गुणवत्ता की ड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्री (डीआरएल) स्थापित हो गई है। लेबोरेट्री के लिए करीब 6.50 करोड़ रुपए के उपकरण व मशीन आई है। इससे समस्त प्रकार की आयुर्वेद दवाओं की टेस्टिंग और उनका विश्लेषण हो सकेगा।
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Drug Testing Laboratory (DRL): जोधपुर. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में राजस्थान की पहली उच्च गुणवत्ता की ड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्री (डीआरएल) स्थापित हो गई है। लेबोरेट्री के लिए करीब 6.50 करोड़ रुपए के उपकरण व मशीन आई है। इससे समस्त प्रकार की आयुर्वेद दवाओं की टेस्टिंग और उनका विश्लेषण हो सकेगा। किसी आयुर्वेद दवाई अथवा किसी हर्बल तत्व जैसे तुलसी, गिलोय इत्यादि में कोई सक्रिय तत्व है और कितनी मात्रा में है, पता चल सकेगा। इससे जोधपुर से आयुर्वेदिक दवाइयों पर मुहर लग सकेगी।

अब तक दूसरे राज्यों में होती टेस्टिंग

अब तक गाजियाबाद, सीसीआरएएस झांसी, जीवन रेखा फार्मेसी औरंगाबाद, आइआइटी कानपुर, आइआइटी जोधपुर, कल्टिवेटेड फार्मेसी जोधपुर सहित कई स्थानों पर जांच के लिए आयुर्वेदिक मेडिसिन के नमूने भेजे जाते थे। कहीं पर कोई जांच होती थी तो कहीं पर कुछ। अब इन सबकी जांच एक ही छत के नीचे आयुर्वेदिक विवि में हो सकेगी। पूरे देश में जोधपुर से उन्नत डीआरएल अब केवल ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद दिल्ली में ही है।

विवि के एचओडी ये बोले

आयुर्वेद विवि जोधपुर के एचओडी, रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना प्रो गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि डीआरएल से हर्बल मेडिसिन की जांच के अलावा रिसर्च को काफी बढ़ावा मिलेगा। अब तक छात्र-छात्राएं अपने थीसिस की जांच के लिए देश के कई हिस्सों में सैंपल भेजते थे और काफी समय लगता था। कई बार तो जांच भी नहीं हो पाती थी। अब आयुर्वेद विवि में ही फार्मेसी से संबंधित सभी तरह की जांचें होगी। आने वाले दिनों में हम लोग फार्मेसी से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण भी देंगे। कुल मिलाकर अब जोधपुर की आयुर्वेदिक दवाओं पर मोहर चलेगी।

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