जोधपुर. भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन रविवार को उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर सुख-समृद्धि की कामना कर रक्षा का वचन ले रही हैं। इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहने से बहनें भाई-भाभी को बिना दौड़ धूप के राखी बांध सकेंगी। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर राखी, नारियल की दुकानों सहित बाजार में चहल-पहल नजर आई। प्रमुख मिष्ठान विक्रेताओं ने दुकानों के बाहर अतिरिक्त स्टॉल लगाए जहां दिनभर भीड़ रही। रक्षाबंधन के अवसर पर पतंगबाजी को लेकर बच्चों-युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। वहीं जोधपुर सेंट्रल जेल में भी बहनों ने अपने भाई की कलाइयों पर राखी बांध कर उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस तरह महिलाओं ने कदंब के पेड़ को भी राखी बांधी। इस कड़ी में अनुबंध वृद्धाश्रम में रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि सूर्योदय से शाम तक पूरे दिन भद्रा रहित समय होने के कारण बहनें भाइयों को कभी भी राखी बांध सकेंगी। रक्षाबंधन को भद्रा रहित समय सुबह अलसुबह 4.56 बजे से शुरू होकर पूरे दिन रहेगा। इसीलिए बहनें पूरे दिन में कभी भी राखी बांध सकेगी। रक्षाबंधन के दिन सुबह 7.54 से 9.29 बजे तक चर वेला तथा 9.29 से 12.40 बजे तक लाभ व अमृत वेला में राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त है। दोपहर 12.14 से 1 बजे तक अभिजीत मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ रहेगा। दोपहर 2.15 से 3.50 तक भी रक्षाबंधन का शुभ व उत्तम मुहूर्त है। शाम 7.01 से रात्रि 9.50 तक शुभ व अमृत चौघडिय़ा भी है, लेकिन पूर्णिमा की तिथि शाम 5.25 बजे तक ही होने से पूर्णिमा तिथि में ही रक्षाबंधन श्रेष्ठ माना गया है। video credit : Amit Dave