
इस पुलिस थाने में रिश्वत लेने का मामला बना राजस्थान की अपनी तरह की पहली कार्रवाई, पढ़ें रिपोर्ट
जोधपुर. रिश्वत लेते-देते सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के पकड़े जाने के मामले अक्सर चर्चा में आते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ( anti corruption bureau rajasthan ) ने बगैर रिकॉर्ड में लिए यानि उचंती में जब्त चार लाख रुपए में से एक लाख रुपए आरोपी को लौटाते रातानाडा थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ रिश्वत ( bribe cases in jodhpur ) मांगने का मामला दर्ज किया जाएगा। ब्यूरो की यह कार्रवाई पुलिस स्टेशन रातानाडा में थानाधिकारी के चैम्बर में हुई। एसीबी को देख जांच अधिकारी व उप निरीक्षक गणपतलाल पत्रावली लेकर थाने से भाग निकला। राज्य में इस तरीके की यह संभवत: पहली कार्रवाई है।
ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र चौधरी ने बताया कि निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ाने वाले विक्रमसिंह राठौड़ को रातानाडा थाना पुलिस ने गत 21 मई को गिरफ्तार किया था। तब उससे पुलिस ने पचास हजार रुपए लिए थे। विक्रमसिंह पर फर्जी आइआरएस बनकर कोचिंग में पढ़ाने का आरोप है। 22 मई को घर की तलाशी में टेबल की दराज से पुलिस को चार लाख रुपए मिले थे। जो पुलिस थाने ले आई थी, लेकिन उसे रिकॉर्ड में नहीं लिया।
कोर्ट से जमानत मिलने के बाद विक्रमसिंह रुपए लेने रातानाडा थाने पहुंचा। तब थानाधिकारी भूपेन्द्रसिंह ने सौदेबाजी शुरू की। पूरी राशि की बजाय सिर्फ दो लाख रुपए लौटाने के लिए राजी हुए। इसकी शिकायत उसने एसीबी से कर डाली।
थानाधिकारी ने दो लाख रुपए लेने के लिए शुक्रवार को पुलिस स्टेशन बुलाया, जहां थानाधिकारी ने अपने चैम्बर में बात की। थानाधिकारी एक लाख रुपए लौटाने को तैयार हुए। फिर वो दो लाख रुपए देने को राजी हुए। इसमें से एक लाख रुपए थानाधिकारी ने विक्रम को चैम्बर में ही सौंपे दिए। जिसे उसने अपनी जेब में रखे। उससे कहा कि 48 हजार रुपए जांच अधिकारी व उप निरीक्षक गणपतलाल देंगे। यह पूरी वार्ता विक्रमसिंह के पास एसीबी के रिकॉर्डर में कैद हो गई। विक्रम ने एसीबी को इशारा कर दिया।
उप निरीक्षक थाने की अलमारी से रुपए लेकर चैम्बर में आता उससे पहले ब्यूरो ने दबिश देकर थानाधिकारी भूपेन्द्रसिंह को पकड़ लिया। विक्रम की जेब से एक लाख रुपए भी जब्त कर लिए। थानाधिकारी भूपेन्द्रसिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। शेष तीन लाख रुपए बरामदगी के प्रयास भी चल रहे हैं। ब्यूरो का कहना है कि इस मामले में भी उसके खिलाफ वही धारा लगाई जाएगी जो रिश्वत मांगने व लेते पकड़े जाने के दौरान लगाई जाती है।
एसीबी को देख फाइल लेकर थानेदार भागा
एसीबी के थानाधिकारी को हिरासत में लेते ही जांच अधिकारी व उप निरीक्षक गणपतलाल के होश उड़ गए और वह थाने से मामले की पत्रावली लेकर भाग निकला। उसकी तलाश में घर पर दबिश दी गई, लेकिन उसका सुराग नहीं लग पाया। एसीबी का कहना है कि उप निरीक्षक भी आरोपी है और उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ब्यूरो के लिए पत्रावली काफी महत्वपूर्ण है, जो थानेदार लेकर भागा है।
थाने की दो अलमारियां सील
कथित फर्जी आइआरएस के खिलाफ मामले की पत्रावली उप निरीक्षक गणपतलाल के पास है। ब्यूरो ने उप निरीक्षक की अलमारी सील कर दी। साथ ही थानाधिकारी के रीडर व कांस्टेबल जगदीश की अलमारी भी सील की गई है। थानाधिकारी के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड में आदर्श नगर स्थित मकान की तलाशी ली गई। इस मकान की लागत का अनुमान लगाया जा रहा है।
इनका कहना है
‘शिकायत के बाद सत्यापन में थानाधिकारी के रिश्वत मांगने की पुष्टि हो चुकी है। उसे एक लाख रुपए लौटाते गिरफ्तार किया गया है। उप निरीक्षक पत्रावली सहित भागा है। जिसकी तलाश की जा रही है।’
- सवाईसिंह गोदारा, उप महानिरीक्षक, एसीबी जोधपुर
Published on:
23 Jun 2019 04:14 pm

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