
फलोदी केवीके में पहली बार शुरू होगा खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रमाण-पत्र कोर्स
यह है शैक्षणिक योग्यता-
खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी न्यूनतम १० वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। केवीके में यह कोर्स स्ववित्तपोषित आधार पर संचालित होगा। इस पाठ्यक्रम का शुल्क ६ हजार रुपए है।
३२ सैद्धांतिक व १० प्रायोगिक पाठ पढेंगे-
कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा बताया गया कि खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम में ३२ सैद्धांतिक व १० प्रायोगिक पाठ शामिल है। सैद्धांतिक में अभ्यर्थियों को मिट्टी की जांच, उर्वरकों का संतुलित उपयोग, क्वालिटी कंट्रोल, किस फसल कितनी रासायनिक खाद का उपयोग हो, खाद-बीज, अलग-अलग फसलों की जानकारी सहित कई जानकारियां दी जाएगी तथा प्रायोगिक में वर्मी कम्पोस्ट, पानी व मिट्टी का नमूना लेना, मिट्टी की जांच करना व जानकारियां लेना, कृषि व मृदा से संबंधित विभिन्न प्रकार की गणना करना, फसल में लागत कम करने के तरीके आदि पढ़ाए जाएंगे।
वैज्ञानिक, विशेषज्ञ व अधिकारी देंगे व्याख्यान-
खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम में अभ्यर्थियों को पढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी व जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। इस कोर्स के साथ अभ्यर्थियों को कृषि में लगातार बढ़ रहे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने तथा किसानों को इस मुद्दे पर जागरूक करने की भी जानकारी दी जाएगी। इस कोर्स के फलोदी, बाप, लोहावट, ओसियां, देचू, शेरगढ़, बालेसर के उवर्रक विक्रेता भाग लेंगे। (कासं)
पहले बैच की सूची तैयार-
खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रमाण-पत्र प्रशिक्षण पहली बार फलोदी केवीके में शुरू होने जा रहा है। इसमें भाग लेने वाले ३५ अभ्यर्थियों की सूची उपनिदेशक (विस्तार), कृषि विभाग, जोधपुर द्वारा प्राप्त हो गई है। यह प्रशिक्षण १४ से २८ मई तक चलेगा। इसमें खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को विभिन्न पाठयोजनाओं का अध्ययन व प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही रासायिक उवर्रकों के अंधाधुंध उपयोग में कमी लाने के लिए जागरूकता किया जाएगा।
डॉ. महेन्द्र सिंह चांदावत, मुख्य वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, फलोदी
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Published on:
09 May 2019 02:23 pm
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