
यूरोपीय देशों में हैंडीक्राफ्ट निर्यात करने वालों पर अब पड़ेगा यह भार
जोधपुर . देशभर के हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों के लिए यूरोपीय देशों में हैंडीक्राफ्ट निर्यात के लिए अनिवार्य रजिस्टर्ड एक्सपोर्ट सिस्टम सर्टिफिकेट (रेक्स) के लिए 25 हजार रुपए चुकाने होंगे। यह फीस 1 अप्रेल से फीस लागू की गई है। पहले यह सर्टिफिकेट नि:शुल्क बनता था। जोधपुर के जिन निर्यातकों ने सर्टिफिकेट नहीं बनाया उनके लिए नई परेशानी आ गई है।
जीएसपी की जरूरत नहीं
केंद्र सरकार के वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोरेन टे्रड (डीजीएफटी) की ओर से 1 जनवरी 2017 से रेक्स की अनिवार्यता लागू की गई थी। इसके तहत भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय देशों में निर्यात करने के लिए जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिपरेन्सेज (जीएसपी) सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन की आवश्यकता नहीं होगी।
रेक्स में होगा रजिस्ट्रेशन
यह सिस्टम भारत-यूरोप-कैनेडा के संयुक्त फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने पर शुरू हुआ था। इस सिस्टम के तहत निर्यातकों को केवल अपने आपको डीजीएफटी द्वारा रजिस्टर्ड एक्सपोर्ट सिस्टम (रेक्स) में रजिस्टर्ड करवाना होगा । इसके बाद यूरोपीय देशों व कैनेडा में होने वाले निर्यात की इनवोइस पर केवल रेक्स के रजिस्टर्ड नंबर ही लिखे जाएंगे । इसमें डीजीएफटी में एक बार रजिस्ट्रेशन के बाद एक्सपोर्टर स्वयं की सेल्फ सर्टिफिकेशन कर अपना प्रोडक्ट एक्सपोर्ट कर सकेंगे।
6 हजार यूरो से कम होने पर रेक्स की जरूरत नहीं
अगर यूरोप व कैनेडा में निर्यात होने वाले शिपमेंट की वेल्यू अगर 6 हजार यूरो से कम होगी तो न रेक्स और न ही जीएसपी की जरूरत होगी। निर्यातक बिना जीएसपी और रेक्स के भी अपने उत्पादों का निर्यात कर सकेंगे। यूरोप जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का बड़ा खरीदार है। यूरोप जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का बड़ा खरीदार है।
शुल्क हटाने की मांग
शुरू में रेक्स के लिए फीस नहीं थी। अब सरकार ने यह प्रावधान किया है। एसोसिएशन के माध्यम से केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री को यह शुल्क हटाने की मांग की है।
डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्ष जोधपुर हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
Published on:
23 May 2018 06:15 pm
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