
roop chaturdashi
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी शनिवार को रूप चतुर्दशी के रूप में पारम्परिक व हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। पांच दिवसीय दीपोत्सव महापर्व के दूसरे दिन गृहणियां विशेष शृंगार कर घर आंगन को दीपमालाओं से रोशन करेंगी। घर आंगन के साथ शारीरिक सौन्दर्य के महत्व से जुड़े रूप चौदस पर्व की प्रदोष वेला में दरिद्रता एवं संकटनाश के लिए सौंदर्यरूप भगवान कृष्ण व महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। नरक चतुर्दशी पर घर-परिवार की खुशहाली व समृद्धि के लिए घर की देहरी पर यम दीपदान किया जाएगा।
शांति-समृद्धि व आरोग्य के पंच पर्व का आगाज शुक्रवार को धन तेरस के साथ हुआ। पंच पर्व के उपलक्ष्य में बाजारों में त्योहारी खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। अमावस्या के दिन रविवार को महालक्ष्मी पूजन होगा। गोवद्र्धन पूजन दीपावली के दूसरे दिन सोमवार को होगा। पंच महापर्व का समापन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज पर्व से किया जाएगा। इस दिन विवाहित बहनें अपने भाइयों को घर आमंत्रित कर हाथों से भोजन खिलाने की परम्परा का निर्वहन करेगी। दीपावली के दूसरे दिन से सूर्यनगरी के सभी प्रमुख कृष्ण मंदिरों में मंूग व छप्पन भोग पूजन के साथ ही अन्नकूट महोत्सव आरंभ हो जाएंगे।
आज रूप चतुर्दशी को किस समय क्या खरीदें
चौघडिय़ा समय यह खरीदें
शुभ सुबह 8.12 से 9.35 प्रोपर्टी, जमीन
अभिजित सुबह 11.59 से 1.45 तक वाहन, कम्प्यूटर, ज्वेलरी
लाभ अमृत दोपहर 1.45 से 4.31 तक घरेलू सभी उपयोगी चीजे, इलेक्ट्रॉनिक्स, कीमती धातुएं
लाभ शाम 5.54 से 7.31 तक मकान, वाहन, आभूषण
Published on:
29 Oct 2016 12:01 pm
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