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संक्रामक रोगों के प्रति अब जागी है सरकार, बीमारियों पर शोध करने वाली संस्थान में होगा नया निर्माण

संक्रामक रोगों पर शोध करने के लिए बनाए गए प्रदेश के एकमात्र संस्थान पिछले छह साल से निष्क्रिय सा पड़ा है। जिस अपेक्षा के साथ इसका निर्माण किया गया उस पर अब तक खरा नहीं उतरा। अब सरकार ने इसमें एक बार फिर जान फूंकने के लिए प्रयास किए हैं।

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sankramak rog sansthan in jodhpur

संक्रामक रोगों के प्रति अब जागी है सरकार, बीमारियों पर शोध करने वाली संस्थान में होगा नया निर्माण

जोधपुर. संक्रामक रोगों पर शोध करने के लिए बनाए गए प्रदेश के एकमात्र संस्थान पिछले छह साल से निष्क्रिय सा पड़ा है। जिस अपेक्षा के साथ इसका निर्माण किया गया उस पर अब तक खरा नहीं उतरा। अब सरकार ने इसमें एक बार फिर जान फूंकने के लिए प्रयास किए हैं। पांच साल बाद इसे अपग्रेड करने के लिए बजट दिया गया है। प्रथम मंजिल पर लैब सहित अन्य कार्य करवाए जाएंगे।

वायरल जनित संक्रामक बीमारियों पर रिसर्च करने के लिए पिछले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह संस्थान बनाया गया। चौपासनी लिंक रोड पर टी.बी अस्पताल परिसर में इसका भवन निर्माण हुआ था। इसके बाद यह संस्था औपचारिक तौर पर संचालित हो रही थी। इसमें स्टाफ व वायरोलॉजी लैब की सबसे बड़ी दरकार महसूस की जा रही थी। संक्रमित बीमारियों के मरीजों को भर्ती करने की सुविधा भी इसमें दी गई। लेकिन इसका पूरा उपयोग नहीं हो रहा था। अब इसी भवन में नई लैब व अन्य सुविधाओं के लिए 9 करोड़ का बजट दिया गया है। पीडब्ल्यूडी इसके लिए काम शुरू करेगी।

पहले क्या थी स्थिति
अभी तक कई बीमारियों की जांच पुणे स्थित वायरोलॉजी लैब में करवाई जा रही थी। यहां से सैम्पल भेजने और इसके बाद रिपोर्ट आने में बहुत समय लगता था।

अब ऐसी होगी परिस्थितियां
बायोसेफ्टी लेवल तीन तक की कई जांचें अब जोधपुर में हो सकेगी। इससे न सिर्फ जोधपुर बल्कि पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को फायदा होगा।

यह मिला बजट
- 5 करोड़ का बजट तकनीकी उपकरण व मैन पावर के लिए दिया गया है।
- 4 करोड़ की राशि सिविल व इलेक्ट्रिक वर्क पर खर्च होगी।

सेंटर फोर एक्सीलेंस बनाने की दरकार
इस संस्थान को सेंटर फोर एक्सीलेंस बनाने की योजना छह साल पहले बनी थी। जिससे कई रोगों पर रिसर्च व फैलोशिप में यह प्रदेश का एकमात्र संस्थान बन सके। अब बजट मिलने से इसके एक्सीलेंस सेंटर बनने की उम्मीद है।

इनका कहना...
सरकार से हमें बजट मिला है। इसमें सिविल वर्क और दूसरे काम होंगे। लैब भी स्थापित हो सकेगी। इसमें बायोसेफ्टी लेवल 3 तक की जांच हो सकेगी। पहले से काफी ज्यादा फायदा प्रदेश व पश्चिमी राजस्थान को होगा।
- डॉ. पी.के खत्री, नोडल अधिकारी, संक्रामक रोग संस्थान जोधपुर

सिविल वर्क का जो बजट आया है उसमें से हमने 2.5 करोड़ के लिए टैंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इलेक्ट्रिक काम भी करवाया जाएगा।
- मदनलाल परिहार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी मेडिकल विंग