21 दिसंबर 2025,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

EVM की कन्ट्रोल यूनिट के लिए कलक्टर परिसर से झोंपडि़यां व कबाड़खाने तक खंगाले

- पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कचरा बीनने वाली महिलाओं और बस्तियाें को टटोला, दो थानाधिकारियों की टीम बनाई

2 min read
Google source verification
EVM की कन्ट्रोल यूनिट के लिए कलक्टर परिसर से झोंपडि़यां व कबाड़खाने तक खंगाले

ईवीएम की कन्ट्रोल यूनिट की फाइल फोटो

जोधपुर।
विधानसभा मतदान के दिन अतिरिक्त चुनावी सामग्री में से चोरी हाेने वाली ईवीएम की एक कन्ट्रोल यूनिट (सीयू) का पता लगाने के लिए पुलिस ने ताकत लगा दी है। पुलिस ने कलक्टर परिसर से लेकर संदिग्ध बस्ती के कच्चे मकान और कबाड़खाने तक खंगाल डाले हैं। अभय कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी चेक किए जा चुके हैं, लेकिन सात दिन बाद भी कन्ट्रोल यूनिट नहीं मिल सकी है। (Control Unit of EVM)
पुलिस के अनुसार कीर्ति नगर निवासी सेक्टर ऑफिसर (एसओ) पंकज जाखड़ को एडीएम सिटी-प्रथम ऑफिस से गत 25 नवम्बर सुबह 4.30 बजे अतिरिक्त चुनावी सामग्री के तौर पर दो ईवीएम, दो कन्ट्रोल यूनिट व दो वीवीपैट आवंटित की गई थी। जो उन्होंने कार टैक्सी की डिक्की में रखी थी। दिनभर में इन अतिरिक्त सामग्री की जरूरत महसूस नहीं हुई थी। रात नौ बजे एसओ राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में अतिरिक्त सामग्री जमा करवाने पहुंचे तो एक कन्ट्रोल यूनिट कम मिली थी। जो संभवत: किसी ने चुरा ली अथवा कहीं रखकर भूल गए। 26 नवम्बर की रात चोरी का मामला दर्ज कराया गया था। थानाधिकारी प्रेमदान रतनू का कहना है कि कन्ट्रोल यूनिअ अभी तक नहीं मिली है। तलाश की जा रही है।
कचरा बीनने वाली महिलाएं व कबाड़ी पाबंद करवाए
जांच कर रहे उप निरीक्षक मनोज मीणा की अगुवाई में पुलिस कन्ट्रोल यूनिट की तलाश में जुटी है। सम्पूर्ण कलक्टर परिसर खंगाला गया है। सुबह-सुबह कचरा बीनने वाली महिलाएं, कुछ बसितयों में संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई है। शहर के प्रमुख रूप से आठ-दस कबाड़ी और इनके गोदाम में भी सर्च किया गया है। साथ ही कबाडि़यों को कन्ट्रोल यूनिट बेचने के लिए आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने को पाबंद किया गया है। अभय कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर और एसपीएस में मतदान केन्द्र के सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए गए हैं, लेकिन कन्ट्रोल यूनिट कहीं नजर नहीं आई।
दो थानाधिकारियों की टीम बनाई
कन्ट्रोल यूनिट का पता लगाने के लिए उदयमंदिर व रातानाडा थानाधिकारियों व एसआइ मनोज मीणा के साथ ही प्रमुख पुलिसकर्मियों और माता का थान थाने के एक सिपाही की विशेष टीम बनाई गई है।