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RAJASTHAN में इन स्थानों पर बनेंगे शाला क्रीड़ा संगम, खेलों का होगा विकास

संभाग मुख्यालयों पर शाला क्रीड़ा संगम की घोषणा, यहां से नहीं निकली एक भी राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय प्रतिभा- राजस्थान में शिक्षा विभाग के अधीन 9 संभाग मुख्यालयों पर शाला क्रीड़ा संगम बनाने की घोषणा- सरकारी स्कूलों के खिलाडि़यों का निशुल्क प्रशिक्षण खानापूर्ति बनकर रह गया

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जोधपुर

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Amit Dave

May 10, 2022

RAJASTHAN में इन 9 स्थानों पर बनेंगे शाला क्रीड़ा संगम, खेलों का होगा विकास

RAJASTHAN में इन 9 स्थानों पर बनेंगे शाला क्रीड़ा संगम, खेलों का होगा विकास

जोधपुर।
शिक्षा विभाग के अधीन शाला क्रीड़ा संगम गौशाला मैदान में खेल मैदान पूरी तरह तैयार नहीं होने व पूरे खेल उपकरण नहीं होने से यहां से राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय प्रतिभाएं नहीं निकली है। इसकी वजह यह है कि, सरकारी स्कूलों के खिलाडि़यों के लिए शाला क्रीड़ा संगम गौशाला मैदान में निशुल्क प्रशिक्षण खानापूर्ति बनकर रह गया है। इससे यहां से सरकारी स्कूलों की प्रतिभाएं तैयार होकर नहीं निकली है। ऐसे में, सरकार ने हाल ही में शिक्षा विभाग के अधीन संभाग मुख्यालयों पर शहरी क्षेत्र की सरकारी विद्यालयों के खिलाडि़यों को खेल मैदानों सहित अन्य खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शाला क्रीड़ा संगम बनाने की घोषणा की है।
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6 संभाग मुख्यालयों के लिए घोषणा
शिक्षा विभाग के अधीन जयपुर, अजमेर, कोटा, चुरू, पाली व भरतपुर संभाग मुख्यालयों पर शाला क्रीड़ा संगम बनाए जाएंगे। जिसमें विभाग के मुख्य जिला शिक्षाधिकारी व संयुक्त निदेशक खेल मैदान, भूमि की उपलब्धता, खेल उपकरणों के रखरखाव की व्यवस्था, उपयुक्त विद्यालय व स्थान को चिन्हित करेंगे। जबकि जोधपुर, उदयपुर व बीकानेर मुख्यालयों पर शाला क्रीड़ा संगम बनाए जा चुके है।

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पिट तैयार नहीं, उपकरणों का अभाव
ट्रेक पर हर्डल्स, जेवलिन थ्रो, गोला फेंक, तश्तरी आदि कई गेम्स के उपकरण नहीं है। ट्रिपल जंप, लाँग जम्प के पिट 6 वर्ष बाद भी बनकर तैयार नहीं हुए हैं। इससे इन खेलों के खिलाडि़यों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाई जम्प व पोलवॉल्ट के गद्दे भी उपलब्ध नहीं है। इससे इन खेलों की प्रतियोगिताओं के आयोजन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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ये भी कमियां
- भाला फेंक के सेक्टर के बीच फुटबॉल के पोल लगा दिए, इससे इवेन्ट बाधित होते है।
- वॉर्म अप जोन नहीं।
- लाँग जम्प के रनवे पर सीमेंट की हुई है, जो एथलेटिक्स मानकों के अनुरूप नहीं है।
- टि्रपल जम्प का पिट व रनवे तैयार नहीं, केवल खड्डा खोदा हुआ है।
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गौशाला मैदान में अधूरे पड़े कार्यों व लाॅंग जम्प, टि्रपल जम्प के पिट पूरे कराने के लिए तैयारी कर रहे है। उम्मीद है, यह काम जल्दी पूरा होगा व खिलाडि़यों को खेलने का मौका मिलेगा।
कुलदीपसिंह चारण, उप जिला शिक्षाधिकारी,
शारीरिक शिक्षा जोधपुर
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प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर शाला क्रीड़ा संगम खोलने से शहरी क्षेत्र के सरकारी खिलाडि़यों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। जोधपुर शाला क्रीड़ा संगम मैदान में भी अधूरे पड़े कार्य व खेल उपकरणों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
हापूराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष
राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ

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