
शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को छूकर गुजरी मौत
सुरेश व्यास/जोधपुर। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज ( डीएसएससी) के डायरेक्टिंग स्टाफ हेलिकॉप्टर हादसे के एक मात्र सर्वाइवर हैं। उनका मिलिट्री होस्पिटल वेलिंगटन में उपचार चल रहा है।
जनरल रावत को जीएसएससी में लेक्चर के लिए जाना था। वे दिल्ली से सुल्लूर तक वायुसेना के विमान एम्ब्रेरर में पहुंचे और वहां से हेलिकॉप्टर में वेलिंगटन के लिए रवाना हुए थे। ग्रुप कैप्टन सिंह उन्हें रिसीव करके साथ ले जा रहे थे।
ग्रुप कैप्टन सिंह को इसी साल गणतंत्र दिवस पर पिछले साल आपातकालीन स्थिति में अपने एलसीए तेजस विमान को बचाने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया था। वे यूपी के देवरिया जिले की रुद्रपुर तहसील के खोरमा कन्हौली गांव के मूल निवासी और कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह के भतीजे हैं । ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज ( डीएसएससी) के डायरेक्टिंग स्टाफ हेलिकॉप्टर हादसे के एक मात्र सर्वाइवर हैं। उनका मिलिट्री होस्पिटल वेलिंगटन में उपचार चल रहा है।
इसलिए मिला शौर्य चक्र
12 अक्टूबर 2020 को वरुण तेजस के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और लाइप सपोर्ट एनवायरमेंट कंट्रोल सिस्टम में किए गए सुधारों को परख रहे थे। इसी दौरान ज्यादा ऊंचाई पर कॉकपिट का प्रेशर फैल हो गया। उफ्लाइट कंट्रोल सिस्टम भी पूरी तरह फैल हो चुका था और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा, लेकिन उन्होंने घबराने की बजाय विमान को सम्भाला। खुद बचने की बजाय विमान को सफलतापूर्वक नीचे उतार लाए। इससे विमान की इस बड़ी खामी को पहचानने में मदद मिली। इसके लिए उन्हें शांतिकाल के पड़े सैन्य सम्मान शौर्य चक्र से नवाजा गया।
Published on:
09 Dec 2021 09:22 pm
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