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SLURRY POISON–सांसों में नहीं घुलेगा स्लरी का जहर, सुरपुरा में बनेगा डम्पिंग यार्ड

- रीको ने जेडीए से 2.17 करोड़ में खरीदी 20 बीघा जमीन

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जोधपुर

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Amit Dave

Jan 10, 2023

SLURRY POISON--सांसों में नहीं घुलेगा स्लरी का जहर, सुरपुरा में बनेगा डम्पिंग यार्ड

SLURRY POISON--सांसों में नहीं घुलेगा स्लरी का जहर, सुरपुरा में बनेगा डम्पिंग यार्ड

जोधपुर।

पर्यावरण व मानव जीवन के लिए खतरा बन रही स्टोन कटिंग इकाइयों की स्लरी शहर में अब प्रदूषण नहींफैलाएगी। ना ही यह स्लरी शहर में अव्यिस्थत रूप से इधर-उधर डाली जाएगी। रीको की ओर से स्टोन कटिंग इकाइयों की स्लरी से फैलने वाले प्रदूषण को कम करने की कवायद की गई है। रीको की ओर से सुरपुरा में डम्पिंग यार्ड के लिए जमीन चिन्हित की गई है। इसके लिए रीको ने जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) से सुरपूरा में खसरा संख्या 6 में 20 बीघा जमीन खरीदी है।

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रीको ने जमा कराई राशि, सर्वे कराया

रीको ने जेडीए से उक्त जमीन 2.17 करोड़ रुपए में खरीदी है। रीको की ओर से आगे की कार्यवाही करते हुए जगह का सर्वे करा दिया गया है व प्लान जेडीए में सब्मिट कर दिया गया है। अब जेडीए की ओर से जमीन का भौतिक कब्जा मिलते ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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पर्यावरण व मानव जीवन के लिए खतरा है स्लरी

जोधपुर जिले में विभिन्न क्षेत्रों में चल रही स्टोन कटिंग यूनिटें (पत्थर काटने की इकाइयां) जल-जमीन, पर्यावरण के साथ मानव जीवन के लिए खतराबन रही है। पर्यावरण नियमों को धता बताते हुए स्टोन कटिंग यूनिटें नियम-कायदों की धड़ल्ले से अवहेलना कर रही है। स्टोन कटिंग यूनिटों से निकलने वाला वेस्ट पानी व स्लरी खुले में डालने से हवा में मिश्रित होकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। वहीं खुले में बहाया जा रहा वेस्ट पानी रिसाव होकर जमीन में जा रहा है। इसी स्लरी से सिलिकोसिस बीमारी होती है।

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इन जगहों पर खुले में डाली जा रही स्लरी

जोधपुर के सूरसागर, चौपड़, केरु, पाबूमगरा, बालसमंद रोड सहित अन्य क्षेत्रों में स्टोन कटिंग यूनिटों का वेस्ट पानी व स्लरी खुले में डाली जा रही है। पत्थर काटने के दौरान निकलने वाले गंदे पानी को एकत्रित कर एक चिन्हित क्षेत्र में डालना होता है। क्षेत्र नहीं होने की वजह से युनिट संचालकों ने अपनी मनमर्जी से ही डम्पिंग स्टेशन बना दिए हैं। चौपड़ व केरु रोड के बीच स्थित सिवांची गेट गोशाला के पीछे ऐसा ही डम्पिंग स्टेशन बनाया हुआ है। जहां करीब 20-25 वेस्ट पानी व स्लरी के टेंकर प्रतिदिन डाले जा रहे हैं।

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एक नजर में स्टोन कटिंग उद्योग

- 25-30 साल पुराना उद्योग।

- 2000-2500 इकाइयां जिले में।

- 1500-2000 इकाइयां जोधपुर में।

- 1 लाख टन पत्थर कटिंग प्रतिदिन।

- 20-25 हजार टन स्लरी निकलती है प्रतिदिन ।

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स्टोन कटिंग इकाइयों की स्लरी के लिए जमीन चिन्हित कर खरीद ली गई है। इससे आगामी समय में स्लरी व स्टोन कटिंग इकाइयों का वेस्ट यहां डाला जा सकेगा।

अनूपकुमार सक्सेना, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक

रीको जोधपुर

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