
दस साल में 7 हजार मेगावाट तक पहुंची सौर ऊर्जा
जोधपुर. प्रदेश पिछले एक दशक में सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। वर्ष 2011 में केवल 5 मेगावाट सौर ऊर्जा बनती थी और आज पूरे प्रदेश में 7 हजार मेगावाट बिजली बनने लगी है। केंद्र से मिला 31 दिसम्बर 2022 तक 5762 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य अभी ही पूरा हो चुका है। देश में सौर ऊर्जा उत्पादन में राजस्थान कर्नाटक के बाद दूसरे स्थान पर है। राज्य सरकार ने अब 2024-25 तक प्रदेश में 30 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
प्रदेश के 33 में से 20 जिलों में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन हो रहा है। इनमें से सर्वाधिक 3837 मेगावाट सौर ऊर्जा जोधपुर में पैदा हो रही है, जबकि 1200 मेगाावट के साथ जैसलमेर दूसरे स्थान पर है। इसके बाद बीकानेर, भीलवाड़ा व पाली का स्थान है।
325 दिन चमकता है सूरज
प्रदेश में वर्ष भर में औसतन 325 दिन सूरज चमकता है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा की विपुल संभावनाएं बनी हैं। यहां 142.31 गीगावाट क्षमता के सौर संयंत्रों से बिजली उत्पादन का अनुमान लगाया गया है, जो देश में सर्वाधिक है।
..............................................
सौर ऊर्जा उत्पादन में प्रदेश के टॉप 5 जिले
जिला ----- उत्पादन (मेगावाट)
जोधपुर ----- 3836.55
जैसलमेर ----- 1214
बीकानेर ----- 893.15
भीलवाड़ा ----- 65.25
पाली ----- 50
.........................................
इन 20 जिलों में लगे हैं संयंत्र
जिला ----------- उत्पादन संयंत्र (मेगावाट)
1 जोधपुर ------ 3836.5
2 अजमेर ------ 1
3 अलवर ------ 24.2
4 बांसवाड़ा ------ 10.26
5 बाड़मेर ------ 46
6 भीलवाड़ा ------ 65.25
7 बीकानेर ------ 893.15
8 चितौडगढ़़ ------ 9
9 चूरू ------ 3
10 हनुमानगढ़ ------ 2
11 जयपुर ------ 7.5
12 जैसलमेर ------ 1214
13 झुंझनूं ------ 1
14 नागौर ------ 35
15 पाली ------ 50
16 राजसमंद ------ 6.5
17 सीकर ------ 1
18 सिरोही ------ 9.16
19 श्रीगंगानगर ------4.21
20 उदयपुर ------ 19.6
Published on:
20 Aug 2021 07:44 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
