28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो महीने भूमिगत रहने के बाद छात्रा का कोर्ट में समर्पण

- फर्जी अभ्यर्थी से बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा दिलाने का मामला- कोर्ट ने जेल भेजा, पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार

less than 1 minute read
Google source verification
दो महीने भूमिगत रहने के बाद छात्रा का कोर्ट में समर्पण

दो महीने भूमिगत रहने के बाद छात्रा का कोर्ट में समर्पण

जोधपुर।
प्रतापनगर बस स्टैण्ड के पास महिला पीजी महाविद्यालय में वर्धमान महावीर कोटा खुला विश्वविद्यालय की बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा किसी अन्य महिला से दिलवाने के मामले में दो माह से फरार मूल अभ्यर्थी छात्रा ने आखिरकार कोर्ट में समर्पण किया। प्रतापनगर थाना पुलिस ने उसे जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया।
थानाधिकारी भूटाराम ने बताया कि 1 सितम्बर को महिला पीजी महाविद्यालय में वर्धमान महावीर कोटा खुला विश्वविद्यालय की ओर से बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा ली गई थी। पुलिस की सूचना पर वीक्षक ने निरमा पुत्र जगदीशराम बिश्नोई पत्नी अशोक कुमार की जगह परीक्षा दे रही रामा को पकड़ लिया था। पूछताछ के बाद भदवासिया निवासी रामा पत्नी शंकरलाल गोदारा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मूल अभ्यर्थी निरमा फरार हो गईं थी। केन्द्रधीक्षक अविनाश बोहरा ने दोनों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई थी।
इस बीच, निरमा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तलाश शुरू की। परिजन पर दबाव भी बनाया गया। फलस्वरूप मूलत: फलोदी के खारा में मटोलचक निवासी निरमा पुत्र जगदीशराम पत्नी अशोक कुमार बिश्नोई ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। मजिस्ट्रेट ने पुलिस को सूचित कर आरोपी को जेल भिजवा दिया, जहां से पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। प्रकरण में पूछताछ के बाद उसे बुधवार को फिर से कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे एक बार फिर जेल भेजने के आदेश दिए गए।