
हड़ताल की मार से रिटेल में ज्यादा दामों में बिक रहे चीनी-आटा, जीरा व बासनी मंडी 15 तक बंद
अमित दवे/जोधपुर. प्रदेश में लगाए गए किसान कल्याण कर के विरोध में मण्डोर कृषि उपज मंडी में हड़ताल है। इसका असर रिटेल में उपभोक्ताओं को मिलने वाले आटा-चीनी पर दिख रहा है। हड़ताल व लॉकडाउन के कारण रिटेल मार्केट में पर्याप्त सप्लाई नहीं होने से आवश्यक वस्तुए महंग दामों में मिल रही है। इसका खमियाजा उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है। बाजार में उपभोक्ताओं को जहां चीनी रिटेल भाव में 10 रुपए तक महंगी मिल रही है। वहीं अन्य वस्तुएं भी ऊंचे दामों पर मिल रही है। चीनी के होलसेल व्यापारी घेवरचंद नाहटा ने बताया कि चीनी का पर्याप्त स्टॉक है लेकिन हड़ताल के कारण सप्लाई नहीं होने से परेशानी हो रही है।
बंद रहेगी मंडियां
प्रदेश में कृषि जिंसों की खरीद-फरोख्त पर दो प्रतिशत किसान कल्याण कर के विरोध में जीरा मंडी व बासनी कृषि उपज मंडी 15 मई तक बंद रहेगी। जीरा मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष पुरुषोत्तम मूंदड़ा ने बताया कि राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की रविवार को जयपुर में हुई बैठक में मंडिय़ों की हड़ताल को 15 मई तक रखने का निर्णय लिया गया। जिसके समर्थन में प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडिय़ां व जीरा मंडी तक बंद रहेगी। वहीं जोधपुर खाद्य पदार्थ व्यापार संघ बासनी मंडी के अध्यक्ष प्रकाश मेहता ने बताया कि 15 मई हड़तला अवधि तक मंडी में व्यापार नहीं होगा और न ही वेयर हाउस खाली कराया जाएगा, न ही माल भरा जाएगा। प्रदेश की सभी मंडियां 6 मई से बंद है।
दाल-आटा मिलें भी बंद
किसान कल्याण कर के विरोध में दाल, आटा, ग्वार व तेल मिलें भी पूर्णतया बंद रहेगी। जोधपुर फ्लोर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीतसिंह छाबड़ा ने बताया कि संघ का समर्थन करते हुए आटा मिलें बंद रहेगी।
मण्डोर मंडी आज बैठक के बाद करेगी निर्णय
मण्डोर मंडी खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के सचिव धर्मेन्द्र भण्डारी ने बताया कि सोमवार सुबह व्यापारियों के साथ बैठक करने के बाद हड़ताल का निर्णय किया जाएगा।
Published on:
11 May 2020 11:25 am
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