28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुषमा स्वराज के साथ जुड़ी हैं जोधपुर की मधुर यादें

जोधपुर.पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से जोधपुर ( Sushma Swaraj in jodhpur ) के लोगों में भी शोक की लहर है। उनके साथ जोधपुर के लोगों की भी मधुर यादें जुड़ी हुई हैं ( Sushma Swaraj and Jodhpur connection ) । वे सुराज संकल्प यात्रा ( suraj sankalp yatra ) के समय विधानसभा चुनाव से पहले 31 जुलाई 2013 को लोकसभा में विपक्ष की नेता के रूप में जोधपुर आई थीं। स्वराज ने सर्किट हाउस में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी तो सुराज संकल्प यात्रा के समारोह के दौरान सारगर्भित उदबोधन दिया था। उस दिन इन पंक्तियों के लेखक ने भी सर्किट हाउस में उनसे मुलाकात की थी ( The sweet memories of Jodhpur with Sushma Swaraj )। उनके न रहने से जोधपुर के लोगों की यादें ताजा और आंखें छलक आईं। पेश हैंं सुषमा स्वराज के तब किए गए जोधपुर दौरे की यादें :            

2 min read
Google source verification

जोधपुर

image

MI Zahir

Aug 07, 2019

Sushma Swaraj and Jodhpur connection as some sweet memories

Sushma Swaraj and Jodhpur connection as some sweet memories

जोधपुर.पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से जोधपुर ( sushma swaraj in jodhpur ) के लोगों में भी शोक की लहर है। उनके साथ जोधपुर के लोगों की भी मधुर यादें जुड़ी हुई हैं ( Sushma Swaraj and Jodhpur connection ) । वे सुराज संकल्प यात्रा ( suraj sankalp yatra ) के समय विधानसभा चुनाव से पहले 31 जुलाई 2013 को लोकसभा में विपक्ष की नेता के रूप में जोधपुर आई थीं। स्वराज ने सर्किट हाउस में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी तो सुराज संकल्प यात्रा के समारोह के दौरान सारगर्भित उदबोधन दिया था। उस दिन इन पंक्तियों के लेखक ने भी सर्किट हाउस में उनसे मुलाकात की थी ( The sweet memories of Jodhpur with Sushma Swaraj )। उनके न रहने से जोधपुर के लोगों की यादें ताजा और आंखें छलक आईं। पेश हैंं सुषमा स्वराज के तब किए गए जोधपुर दौरे की यादें :

सुषमा स्वराज से संघ नेताओं की हुई थी गुप्त मंत्रणा ( rss news )

वह भी बुधवार का दिन था। नजारा एेसा था कि सर्किट हाउस में उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहा था। ये केवल जोधपुर के लोग नहीं थे, बल्कि पूरे मारवाड़ के नेता, कार्यकर्ता और आम लोग उनसे मिलने के लिए जोधपुर के सर्किट हाउस पहुंचे थे। लोकसभा में विपक्ष की तत्कालीन नेता सुषमा स्वराज के जोधपुर आगमन पर सर्किट हाउस में राष्ट्रीय स्वयंसेेवक संघ के नेताओं ने करीब आधा घंटे तक उनसे उनके कमरे में चुनावी रणनीति पर गुप्त मंत्रणा की थी। इस दौरान इस दौरान उनकी एक झलक देखने और उनसे मिलने के लिए महिलाएं और बाकी नेता उनसे मिलने का इंतजार करने के लिए बाहर खड़े रहे थे। बाद में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का उनसे मिलने का तांता लग गया था।

सुषमा जी बस थोड़ी देर
सर्किट हाउस में आलम यह था कि सभी उनसे मिलना चाहते थे और उनके पास समय बहुत कम था। सभी यह कह रहे थे कि सुषमा जी बस थोड़ी देर मिलना है। सुषमा जी ने किसी को निराश नहीं किया और सभी को थोड़ा-थोड़ा समय दिया था। सर्किट हाउस में उनके कक्ष में मथुरा से आए उस समय राजस्थान भाजपा प्रभारी राजेश चौधरी, भाजपा के वरिष्ठ नेता मंत्री गुलाबचंद कटारिया, पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, बीकानेर के तत्कालीन सांसद अर्जुन मेघवाल , झालावाड़ के तत्कालीन सांसद दुष्यंतसिंह,भाजपा के तत्कालीन प्रदेश महामंत्री रामचरण बोहरा, भाजपा उद्योग तत्कालीन प्रकोष्ठ के अशोक बाहेती, पाली के पूर्व सांसद पुष्प जैन, तत्कालीन सोजत विधायक संजना आंजरी,महिला मोर्चा की तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भोपालगढ़ व तत्कालीन विधायक कमसा मेघवाल, तत्कालीन फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत,युवा मोर्चा के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष बसेड़ी (धौलपुर) विधायक सुखाराम कोली,युवा मोर्चा के तत्कालीन प्रदेश कार्यक्रम समन्वयक रेवतसिंह राजपुरोहित, विप्रो फाउंडेशन के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रूपेश दाधीच, जोधपुर शहर के तत्कालीन विधायक कैलाश भंसाली, आज के महापौर और तब के भाजपा नेता व उद्योगपति घनश्याम ओझा, डॉ. नगेंद्र शर्मा, नागौर भाजपा के तत्कालीन जिला संयोजक नंदकिशोर शर्मा, सुमेरपुर के तत्कालीन हनुमान भाटी व तत्कालीन जोधपुर युवा मोर्चा के राजेश लोहिया सहित कई कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात की थी।


डॉ. नगेंद्र शर्मा ने सुषमा स्वराज को भेंट की थी पुस्तक
उस दिन की एक और यादगार बात। जोधपुर के न्यूरो फिजीशियन डॉ. नगेंद्र शर्मा ने अपनी नई पुस्तक ‘मानव मस्तिष्क और मिर्गी’लोकसभा में विपक्ष की तत्कालीन नेता सुषमा स्वराज को सर्किट हाउस में ही भेंट की थी।

संस्मरण : एम आई जाहिर