
सामाजिक भेदभाव मिटाने का लें संकल्प
जोधपुर. एनएसएसओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत की 73 प्रतिशत सम्पत्ति अमीर वर्ग के पास हैं। वहीं ऑक्सफेम की एक रिपोर्ट के अनुसार देश के सिर्फ 9 अमीरों के पास ही आबादी की 50 प्रतिशत सम्पत्ति है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि समाज में अमीर व गरीब के बीच किस प्रकार से खाई बढ़ रही है। लगातार बढ़ रहे इसी फर्क के चलते आर्थिक रूप से कमजोर एवं जाति के आधार पर लोगों का भेदभाव भी किया जाता है। इसी भेदभाव को मिटाने की बात हम सभी कहते आए हैं, लेकिन इसे मिटाने के लिए हम सभी को संकल्प लेना जरूरी है। सामाजिक तौर पर भेदभाव मिटाने की इसी कड़ी में आज सोशल जस्टिस डे विश्व भर में मनाया जाएगा। आइए आज के दिन सामाजिक भेदभाव मिटाने, जीवन में हमेशा आर्थिक रूप से अक्षम लोगों की मदद करने का संकल्प अवश्य लें।
-इसलिए मनाया जाता है
दुनिया में लोगों के बीच कई तरह के भेदभाव पैदा हो रहे हैं, जो लोगों के बीच एक दूरी का कारण बन गया है। इन भेदभावों चलते उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं भेदभाव रूपी बीमारी को खत्म करने के लिए हर वर्ष ‘विश्व सामाजिक न्याय दिवस’ मनाया जाता है। ये दिवस मुख्य तौर से नस्ल,वर्ग, लिंग, धर्म, संस्कृति, भेदभाव, बेरोजगारी से जुड़ी हुई कई समस्याओं को हल करने के उद्देश्य से भी मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2007 में इस दिन को मनाने की घोषणा की थी।
शिक्षा को बढ़ावा देने, बुराईयां मिटाने आएं आगे
हमारे घरों के आस-पास, कच्ची बस्तियों में कई परिवार ऐसे हैं जिनके बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। आज के दिन ऐसे परिवारों की सहायता करने, बच्चों को शिक्षित करने का प्रण अवश्य लें। क्योंकि शिक्षा का दान भी वर्तमान समय में सबसे बड़ा दान माना गया है।
ऐसे में आज के दिन समाज के गरीब तबकों की मदद करने, शिक्षित करने, बेरोजगारों को रोजगार देने सहित जरूरतमंदों की सहायता करने का प्रयास अवश्य करें। आपात स्थिति में यदि कोई बीमार अवस्था में हैं तो उसे अस्पताल ले जाकर भी सहायता कर सकते हैं।
Published on:
20 Feb 2020 12:01 am
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