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Indo Pak border पर ग्रामीणों व BSF में तीन दिन से तनातनी, दो युवकों को बंधक बनाने का आरोप…!

प्रशासन की मध्यस्थता से सोमवार को हुआ समझौता  

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जोधपुर

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Chen Raj

Oct 31, 2017

Indo Pak border

Indo Pak border

जोधपुर/रायसिंहनगर. भारत-पाक सीमा से सटे गांव 22 पीटीडी में पिछले तीन दिनों से तनातनी का मामला सामने आया है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर मामले की पुष्टि नहीं हो पाई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार तीन दिन तक सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ चली वार्ता के बाद सोमवार को समझौता हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को सीमा क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल का दस्ता गश्त पर था।

गश्त के दौरान चक 22 पीटीडी के एक खेत में बीएसएफ के अधिकारियों की खेत में काम कर रहे मजदूरों के साथ कहासुनी हो गई। मामूली कहासुनी धक्कामुक्की तक पहुंच गई। आरोप है कि सीमा सुरक्षा के कर्मचारी दो नागरिकों को बीओपी में ले गए। आरोप है कि बीओपी में ले जाकर ग्रामीणों से दुव्र्यवहार किया। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत प्यारेलाल लाखा को मिली तो सरपंच ने बीओपी पहुंचकर दोनों ग्रामीणों को छुड़ाया। आरोप है कि दोनों ग्रामीणों को बीएसएफ जवानों ने रस्सी से बांधा हुआ था। इस घटना को लेकर सीमा सुरक्षा बल के प्रति ग्रामीणों में रोष की लहर फैल गई।

हो गया राजीनामा


हमारे दो ग्रामीणों को बीएसएफ के अधिकारी खेत से बीओपी में ले गए थे जिन्हें मैं छुड़ाकर लाया था, हमने मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवाया जिस पर सोमवार को प्रशासन के साथ हुई बैठक में सुलझा लिया गया। -प्यारेलाल लाखा, सरपंच, ग्राम पंचायत 22 पीटीडी, रायसिंहनगर

ऐसा कोई मामला हमारी जानकारी में नहीं है। बीएसएफ ने किसी को बंधक नहीं बनाया है। -रवि गांधी, उप महानिरीक्षक, सीमा सुरक्षा बल, सीमांत मुख्यालय जोधपुर

टिड्डी चेतावनी संगठन के पास बार्डर क्रॉस करने का आदेश नहीं

वहीं दूसरी ओर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने टिड्डी चेतावनी संगठन के अधिकारियों के हर महीने एकांतर क्रम में सीमा पार कर पाकिस्तान जाने पर ऐतराज जताया है। बीएसएफ ने संगठन से केंद्र सरकार के पाकिस्तान जाने संबंधी अनुमति आदेश दिखाने को कहा। इसके बाद संगठन के अधिकारियों की हवाइयां उड़ गई। संगठन के पास फिलहाल इस तरह का कोई आदेश नहंी मिला। ऐसे में संगठन ने स्वयं के स्तर पर ही एक पत्र बीएसएफ को दिया है।

भारत में टिड्डी चेतावनी संगठन का मुख्यालय जोधपुर में है। यहां से पूरे देश में टिड्डी हमले पर नजर रखी जाती है। टिड्डी यानी डेजर्ट लोकस्ट अफ्रीका व खाड़ी देशों के मरुस्थल के साथ भारत व पाक सीमा पर स्थित थार मरुस्थल में पाई जाती है। संगठन 1972 से पाकिस्तान के साथ टिड्डी संबंधी जानकारी साझा करता आया है। संगठन के वैज्ञानिक व अधिकारी महीने में एक बार पाकिस्तान सीमा पार कर खोखरापार जाकर बैठक करते हैं। अगले महीने पाकिस्तानी अधिकारी भारत की सीमा पार कर मुनाबाव में वार्ता करते हैं। भारतीय अधिकारियों के साथ सीमा पार करते समय बीएसएफ के अधिकारी भी साथ जाते हैं। पिछले माह बीएसएफ के डीआईजी प्रतुल गौतम ने संगठन के अधिकारियों से सीमा पार कर वार्ता करने संबंधी आदेश-निर्देश दिखाने को कहा था। संगठन ने जोधपुर से लेकर अपने मुख्यालय फरीदाबाद तक फाइलें खंगाल ली, लेकिन आदेश कहीं नहीं मिले। आखिर वार्ता जारी रखने के लिए संगठन ने स्वयं के स्तर पर ही एक ड्राफ्ट तैयार कर बीएसएफ को सौंपा। बीएसएफ ने इस ड्राफ्ट को मुख्यालय दिल्ली भेजा है।