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स्कूल गेट पर बस पहिया मासूम छात्रा के सिर से निकला, मौत

भोपालगढ़ में निजी स्कूल में हादसा- गुस्साए परिजन व ग्रामीणों ने स्कूल और थाने के बाहर किया विरोध प्रदर्शन, समझाइश पर मानें

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little student killed

मृतका अलशिफा

जोधपुर.

भोपालगढ़ कस्बे में ओस्तरा रोड पर निजी विद्यालय के गेट पर शनिवार को चालक की लापरवाही से बाल वाहिनी ने साढ़े चार साल की मासूम बच्ची को कुचल दिया। टायर सिर के ऊपर से निकलने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए परिजन व ग्रामीणों ने पहले स्कूल और फिर भोपालगढ़ थाने के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस व स्कूल प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हो पाया।

पुलिस के अनुसार ओस्तरा रोड पर सूर्या स्कूल में दोपहर 12.30 बजे छुट्टी होने के बाद बाल वाहिनी चालक छात्र-छात्राओं को बस में बिठा रहा था। इस दौरान चालक बस को थोड़ा आगे लेने लगा। तभी साढ़े चार साल की अलशिफा पुत्र हमीद कुरैशी बस की चपेट में आ गई और पहिया उसके सिर के ऊपर से निकल गया। जिससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। इसका पता लगते ही चालक बाल वाहिनी बस छोड़कर भाग गया।

हादसे का पता लगते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। परिजन भी मौके पर पहुंचे। बाद में समाज के लोग और ग्रामीण भी वहां आ गए। वे हादसे के प्रति रोष जताने लगे। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव मोर्चरी भिजवाया। परिजन व समाज के लोग और ग्रामीण थाने पहुंचे, जहां चालक को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर विरोध जताने लगे।

जोधपुर देहात कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष राजेश जाखड़, भाजपा देहात जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश चोटिया व भाजपा मंडल अध्यक्ष रामविलास जलवाणिया समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी थाने पहुंचे और बच्ची के परिजन व समाज के लोगों से बातचीत कर पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

पुलिस, स्कूल प्रशासन व मृतकाें के परिजन की वार्ता हुई। जिसमें दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। तब पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजन को सौंपा। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा। थानाधिकारी गंगाराम बाना ने बताया कि मृतका के पिता ने बस चालक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई है। जांच की जा रही है।

नर्सरी की छात्रा थी मृतका, पिता पहुंचे तो मृत पाया

पुलिस का कहना है कि अलशिफा ने इस साल ही स्कूल में नर्सरी कक्षा में प्रवेश लिया था। पिता डेयरी संचालक हैं। वो सुबह बेटी को स्कूल छोड़ते थे और फिर छुट्टी होने खुद ही वापस लेकर आते थे। हमेशा की तरफ पिता अपनी बेटी को लेने दोपहर एक बजे स्कूल पहुंचे तो पुत्री को मृत पाया। यह देख वो स्तब्ध रह गए।