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कुड़ी भगतासनी को निगम में शामिल करने को लेकर दायर अवमानना याचिका निस्तारित

राजस्थान हाईकोर्ट

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कुड़ी भगतासनी को निगम में शामिल करने को लेकर दायर अवमानना याचिका निस्तारित

कुड़ी भगतासनी को निगम में शामिल करने को लेकर दायर अवमानना याचिका निस्तारित

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कुड़ी भगतासनी को नगर निगम जोधपुर में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने आर्थिक और भौगोलिक कारणों का हवाला देते हुए नामंज़ूर करने के निर्णय को सारभूत बताते हुए अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया।
न्यायाधीश संदीप मेहता और न्यायाधीश विनोद कुमार भारवानी की खंडपीठ में याचिकाकर्ता अजय गोस्वामी द्वारा दायर अवमानना याचिका की सुनवाई हुई। पूर्व में खंडपीठ ने जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए 6 अगस्त, 2020 को राज्य सरकार को यह निर्देश दिए थे कि इस याचिका को प्रतिवेदन मानते हुए 6 माह के भीतर कुड़ी भगतासनी ग्राम पंचायत को नगर निगम जोधपुर में शामिल करने के विषय में उचित निर्णय पारित करें। निर्धारित अवधि 6 माह बीत जाने के बावजूद भी स्वायत्त शासन विभाग ने न्यायालय के निर्देशों की पालना नहीं की थी, जबकि इस दौरान कई बार याचिकाकर्ता की तरफ से राज्य सरकार को न्यायालय की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए लिखित ज्ञापन भी दिया गया। खंडपीठ ने स्वायत्त शासन को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया था। अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील बेनीवाल ने कोर्ट को बताया कि प्रतिवेदन खारिज करते हुए निर्णय लिया गया है कि कुड़ी भगतासनी को निगम में शामिल नहीं किया जाए। कोर्ट ने इस आधार पर याचिका निस्तारित कर दी कि याची अपने अभाव अभियोग के निराकरण के लिए उचित उपाय का सहारा लेने को स्वतंत्र है।

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आयुर्वेदिक विवि के पाठ्यक्रमों को कौशल विकास के लिए जोड़ें: कोर्ट
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जोधपुर में बाल संप्रेषण गृहों में रहने वाले बच्चों के लिए स्थापित किए जा रहे कौशल विकास केंद्र में राजस्थान आयुर्वेद यूनिवर्सिटी द्वारा विशेष रूप से डिजाइन किए गए पाठ्यक्रमों को भी मॉड्यूल में जोड़ने को कहा है, ताकि इस उद्देश्य के लिए चुने गए बच्चे दक्ष हो सकें।
न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश विनोद कुमार भारवानी की खंडपीठ में स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल कुमार गौड़ तथा पंकज शर्मा ने प्रगति रिपोर्ट पेश की, जिसके अनुसार हाईकोर्ट की किशोर न्याय समिति के तत्वावधान में 21 दिसंबर को आयोजित बैठक में कौशल विकास केंद्र, जोधपुर को एक फिट सुविधा के रूप में घोषित करने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है, जिसके औपचारिक आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। केंद्र में संचालित किए जाने वाले पाठ्यक्रमों की पहचान कर ली गई है। कौशल विकास केंद्र के संचालन का जिम्मा राजस्थान राज्य कौशल विकास निगम को सौंपा गया है। रिपोर्ट के अनुसार कौशल विकास केंद्र की कमियों को दूर किया जा रहा है। अतिरिक्त महाधिवक्ता गौड़ ने कहा कि राज्य भर के विभिन्न संप्रेषण गृहों में रहने वाले जरूरतमंद बच्चों को आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। केंद्र में चार हॉल हैं, जिन्हें प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए संस्था में लाए जाने वाले बच्चों के ठहरने के केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।