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पहली बार मास्टर प्लान के जरिये तय होगी तीन कस्बों के विकास की दिशा

- जोधपुर के तिंवरी, मथानिया व बावड़ी कस्बों को आगामी समय के लिहाज से ग्रोथ सेंटर में बदलने की मशक्कत - सीएम के निर्देश पर जेडीए करवाएगा जीआइएस बेस सर्वे

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पहली बार मास्टर प्लान के जरिये तय होगी तीन कस्बों के विकास की दिशा

पहली बार मास्टर प्लान के जरिये तय होगी तीन कस्बों के विकास की दिशा

अविनाश केवलिया. जोधपुर.
जिले के तीन कस्बों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करने का प्लान मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनाया जा रहा है। यह प्रदेश में पहली बार होगा जब छोटे कस्बों का मास्टर प्लान तैयार कर उसमें ग्रोथ क्षमता ढूंढी जाएगी। यह तीन कस्बे हैं तिंवरी, मथानिया और बावड़ी। इसके लिए जीआइएस बेस डवलपमेंट प्लान की तैयारी में जेडीए जुट गया है। इस पर प्लान को तैयार करने में 70 लाख रुपए का खर्चा आएगा। इसके बाद तय होगा कि इन तीन कस्बों में किस प्रकार से विकास की गति आगे बढ़ाई जा सके या इन्हें शहरी हिस्सा माना जाए। क्या होगा सर्वे में
अभी यह तीनों कस्बे ग्रामीण क्षेत्र के अधीन है। यानि पंचायत समिति व ग्राम पंचायत के लिहाज से काम होगा। इसमें शहरीकरण की संभावना तलाशी जाएगी। जेडीए की हद में आने के कारण यहां पट्टा वितरण व अन्य विकास कार्य शहरों की तर्ज पर करवाने की संभावना भी तलाशी जाएगी।

पहली बार कस्बों में मंथन

जोधपुर शहर का मास्टर प्लान 2031 जेडीए ने तैयार कर गजट जारी कर दिया है। इसके अलावा चार दिशाओं के लिहाज से चार जोनल प्लान भी तैयार हो रहे हैं। नगर निगम उत्तर व दक्षिण के सेक्टर प्लान भी जेडीए की तैयार करेगा। अब इसी कड़ी में पहली बार छोटे कस्बो में शामिल किया गया है। फैक्ट फाइल
- 11 हजार के करीब जनसंख्या है बावड़ी की

- 15 हजार से अधिक जनसंख्या है मथानिया की
- 18 हजार से अधिक जनसंख्या है तिंवरी है

- 3 कस्बों के ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करने का प्लान
- 70 लाख से अधिक राशि होगी खर्च

- 9 माह में पूरा करना है सर्वे ये तीन कस्बे ही क्यों
एग्रीकल्चर और उसके बिजनेस डवलपमेंट के हिसाब से इन तीन कस्बों का काफी महत्व है। मसाला फसलों की पैदावार इस क्षेत्र में काफी है। दूसरा कारण जोधपुर शहर के समीप यह सबसे बड़े कस्बे हैं, जहां विकास कार्य करवाए जा सकते हैं। यहां औद्योगिक विकास के साथ शहरीकरण का विस्तार भी संभव है।

इनका कहना...

तीन कस्बों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करने के निर्देश मुख्यमंत्री से मिले थे। अभी टैंडर प्रक्रिया अपना कर जीआइएस सर्वे करवाया जा रहा है।
- कमर चौधरी, आयुक्त जेडीए जोधपुर।