
भोजन हजम, शिक्षकों को मिली कोरी चाय-कचोरी
जोधपुर. केंद्रीय मानव संसाधन विभाग की ओर से विद्यार्थियों के शैक्षिक गुणवत्ता के आंकलन के लिए आगामी 13 नवम्बर से करवाए जाने वाले नेशनल अचीवमेंट सर्वे से पहले लगाए जा रहे गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविरों में शिक्षकों का भोजन कागजों में हजम हो गया। शिविर के दौरान शिक्षकों को मध्याह्न भोजन, दो बार चाय व अल्पाहार दिया जाना था, लेकिन जोधपुर शहर, लूणी व फलोदी के शिविरों में शिक्षकों को पहले दिन सिर्फ चाय और कचोरी से ही काम चलाना पड़ा।
शिविरों में प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षक स्टार परियोजना के तहत तीसरी, पांचवी, आठवीं व दसवीं के विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता परखेंगे। इससे पहले इन्हें शिविर लगाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि शिविर के दौरान दो चाय, नाश्ता व भोजन दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण कुमार व्यास ने बताया कि फलोदी में शिक्षकों को पूरे दिन दरी पट्टी पर बैठाए रखा गया। सेटेलाइट की व्यवस्था न होने के कारण शिक्षकों को पूरे दिन एक ही सीडी दिखाई गई। शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला संयुक्त मंत्री सुभाष विश्नोई ने आरोप लगाया कि भोजन-नाश्ते के लिए प्रशिक्षण के सात दिन पूर्व टैंडर निकाले जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने इसकी जांच करवाने की मांग की।
इस बारे में पूछे जाने पर समग्र शिक्षा अभियान के एडीपीसी अमृतलाल ने कहा कि वे प्रभारी व सीबीइओ से बात करके मामले की जानकारी लेंगे।
Published on:
13 Oct 2021 11:14 pm
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