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सर्वार्थसिद्धि योग में रूप चतुर्दशी आज

खरीदारी से गुलजार, मुस्कुराए बाजार देहरी पर दीपदान के साथ पंचपर्व का 'मंगल आगाज़ ,  

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सर्वार्थसिद्धि योग में रूप चतुर्दशी आज

सर्वार्थसिद्धि योग में रूप चतुर्दशी आज

जोधपुर. जीवन में नवीनता, आरोग्य, शांति-समृद्धि से जुड़े पंचपर्व के प्रथम पर्व धनतेरस पर जोधपुर सहित समूचे मारवाड़ में खुशियों के दीप जगमगा उठे। धनत्रयोदशी का 'मंगलÓआगाज सौभाग्य व समृद्धि के लिए जमकर परम्परागत खरीदारी के साथ हुआ। गोधुली वेळा में घर आंगन के कंवळे दीपदान से रोशन करने के बाद महालक्ष्मी-कुबेर का पूजन किया गया। समुद्र मंथन के बाद आरोग्यवद्र्धक अमृत कलश लेकर प्रकट हुए भगवान धनवन्तरि का पूजन कर समृद्धि व आरोग्य रूपी धन की कामना की गई। चांदपोल ब्रह्मपुरी क्षेत्र की महिलाओं ने धनतेरस की सुबह क्षेत्र के पवित्र जलाशयों से घर में महालक्ष्मी पूजन स्थल पर रखी जाने वाली पवित्र मिट्टी लाने की परम्परा का निर्वहन किया।

देर शाम तक खरीदारों की रौनक

त्रयोदशी तिथि के साथ त्रिपुष्कर योग में शुभ मुहूर्त होने के कारण बाजारों में सुबह से आरंभ हुआ खरीदारी का दौर देर रात तक चलता रहा।महिलाओं बच्चों, युवाओं के साथ बुजुर्गों में भी खरीदारी के प्रति उत्साह नजर आया। जोधपुर सहित मारवाड़ के विभिन्न अंचलों व आस-पास के कस्बों से पहुंचे लोगों ने जमकर खरीदारी की। प्रमुख डिर्पाटमेंटल स्टोर्स में लोगों को खरीदारी के लिए खाली ट्रॉली नहीं मिलने के कारण कई घंटों तक इंतजार भी करना पड़ा। शहर के सभी प्रमुख बाजार में देर शाम तक खरीदारों की रौनक छाई रही। ऑटोमोबाइल शो रूमों पर दुपहिया वाहनों-कारों की अग्रिम बुकिंग कराने वाले लोग शुभ मुहूर्त में वाहनों की डिलीवरी लेने के लिए पहुंचे। धनतेरस को परम्परागत बर्तनों की खरीद के साथ वाहन, ज्वैलरी, रियल स्टेट, इलेक्ट्रोनिक्स प्रॉडक्ट, रेडीमेड गारमेंट, चांदी के बर्तन, ड्राइफ्रूट, साडिय़ां, पूजा के लिए लक्ष्मी गणेश की रजत प्रतिमाएं, साज-सजावट, फर्नीचर, बहीखाते, सोने व चांदी के सिक्के, आभूषण, कम्प्यूटर, मोबाइल सहित नवीन गृह उपयोगी चीजों को खरीदने के लिए उत्साह नजर आया।

देहरी पर होगा यम दीपदान, रूप चतुर्दशी आज

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी बुधवार को रूप चतुर्दशी के रूप में पारम्परिक हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। पांच दिवसीय दीपोत्सव महापर्व के दूसरे दिन गृहणियां विशेष शृंगार कर घर आंगन को दीपमालाओं से रोशन करेंगी। प्रदोष वेळा में सोलह शृंगार कर घरों के कंवळे रोशन कर दरिद्रता एवं संकटनाश के लिए सौंदर्यरूप भगवान कृष्ण व महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। नरक चतुर्दशी पर घर-परिवार की खुशहाली व समृद्धि के लिए घर की देहरी पर यम दीपदान भी होगा। ज्योतिष अनीष व्यास ने बताया कि रूप चतुर्दशी बुधवार को सर्वार्थसिद्धि योग मनाया जाएगा।