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बुद्धि और व्यापार के दाता बुध ग्रह करेंगे 24 को मीन राशि में प्रवेश……जानिए क्या होगा असर

बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा

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बुद्धि और व्यापार के दाता बुध ग्रह करेंगे 24 को मीन राशि में प्रवेश......जानिए क्या होगा असर

बुद्धि और व्यापार के दाता बुध ग्रह करेंगे 24 को मीन राशि में प्रवेश......जानिए क्या होगा असर

जोधपुर. मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी और वाणी तथा बुदि्ध के साथ व्यापार के दाता बुध ग्रह 24 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करने वाले है। सूर्य देव वहां पर पहले से गोचर होने के कारण से 24 मार्च को शुभ बुधादित्य योग का निर्माण होगा। बुधादित्य योग का प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर होने वाला है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को एक शुभ ग्रह तथा वाणी, बुद्धि और व्यापार का दाता कहा जाता है। मान्यता है जिन लोगों की कुंडली में बुध देव की स्थिति सकारात्मक होती है। बुध ग्रह कि शुभ स्थिति जातक को व्यवहारिक, वाक्पटु बनती है जो उनके जीवन में अच्छे परिणाम लेकर आते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब भी कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका सीधा प्रभाव पृथ्वी और मानव जीवन पर पड़ता है। इसलिए बुध का गोचर सभी राशियों के जातकों के आर्थिक विकास पर भी काफी पड़ता है। बुध के मीन राशि में गोचर करते ही राशि के जातकों को अच्छा धनलाभ हो सकता है।

हास्य–विनोद का प्रतिनिधित्व करता है बुध

ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य का निकटतम ग्रह बुध को बुद्धि का प्रदाता कहा गया है। बुध ग्रह के लक्षण की बात करें तो यह व्यक्ति में बुद्धि, विवेक, हाज़िर जवाबी और हास्य–विनोद का प्रतिनिधित्व करता है। यह एक शुभ ग्रह है लेकिन कुछ स्थितियों में बुध अशुभ ग्रह में बदल सकता है। कम्युनिकेशन के ग्रह कहलाने वाले बुध व्यापार के देवता तथा व्यापारियों के भी रक्षक हैं। चन्द्र और तारा के पुत्र बुध सौरमंडल के ग्रहों में सबसे छोटा और सूर्य से निकटतम है।

क्या होगा असर

प्रमुख ज्योतिषियों के अनुसार बुध के राशि परिवर्तन से लोगों में रचनात्मकता बढ़ेगी। शेयर मार्केट बढ़ने की संभावना है। बाजार में खरीदारी बढ़ सकती है। बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा। अनाज और खाने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। बड़े देशों के बीच इंपोर्ट-एक्सपोर्ट बढ़ेगा। बड़े एग्रीमेंट या बिजनेस समझौते होने के योग बन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेन-देन बढ़ेगा। कुछ देशों की करंसी मजबूत होगी। कुछ बड़े देश नई व्यापारिक रणनीति पर काम शुरू कर सकते हैं।