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डॉ. राजपुरोहित के साहित्य में समाज और समय का यथार्थ: डॉ. भाटी

- श्रद्धापूर्वक मनाई गई 97 वीं जन्म जयंती

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डॉ. राजपुरोहित के साहित्य में समाज और समय का यथार्थ: डॉ. भाटी

डॉ. राजपुरोहित के साहित्य में समाज और समय का यथार्थ: डॉ. भाटी

जोधपुर. आधुनिक राजस्थानी कथा साहित्य को नई दशा और दिशा दशा प्रदान करने का श्रेय डॉ. नृसिंह राजपुरोहित को है। उन्होंने ही राजस्थानी बात साहित्य परम्परा से हटकर आधुनिक राजस्थानी कहानी का सृजन किया और उसे राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी।
यह विचार ख्यातनाम कवि आलोचक डॉ. आईदानसिंह भाटी ने मरुवाणी संघ द्वारा जै जै राजस्थान पर डॉ.नृसिंह राजपुरोहित जन्म जयंती ऑनलाइन कार्यक्रम में व्यक्त किए। संयोजक किरण राजपुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम में राजस्थानी युवा कवि आलोचक डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित ने आधुनिक राजस्थानी कहानी पर शोध की महत्ती दरकार बताते हुए कहा कि इस संबंध में आज तक अनेक साहित्यिक तथ्य उजागर नही हो सके जो किसी कारण दब गये थे मगर अब वो प्रामाणिक रूप में मौजूद है अत: उन नयें तथ्यों को सम्मिलित कर राजस्थानी कहानी साहित्य पर शोध का काम होना चाहिए। कवि विशनसिंह क्रान्ति मुंबई ने डॉ. नृसिंह राजपुरोहित का जीवन परिचय दिया। कवि श्यामसिंह मालकोंसनी ने भी विचार रखे।