जोधपुर.
लोहावट में शैतानसिंह नगर के पास रेलवे ट्रैक पर किशोरी की संदिग्ध हालात में शव मिलने के मामले का खुलासा कर विशेष जांच दल (एसआइटी) ने गुरुवार रात तीन युवकों को गिरफ्तार किया। मृतका की तीनों मित्रों से घनिष्ठता थी और तीनों युवक उससे संबंध बनाने का दबाव डाल रहे थे। घरवालों से भी उलाहना मिलने के बाद किशोरी ने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी।
पुलिस अधीक्षक (जीआरपी) ममता राहुल के अनुसार गत 21 सितम्बर को लोहावट में रेलवे ट्रैक पर का शव मिला था। उसके पास मिले सुसाइड नोट के आधार पर जोधपुर के जीआरपी थाने में आत्महत्या को दुष्प्रेरित करने का मामाल दर्ज किया गया था। इस मामले में लोहावट थानान्तर्गत डाबर में जियोणियों की ढाणी निवासी महिपाल (२४) पुत्र भागीरथ बिश्नोई, डाबर में मूलराज निवासी प्रेम कुमार ढाका (२३) पुत्र पप्पूराम बिश्नोई और बजरंग (२४) पुत्र अणदाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। घटना के बाद से तीनों भूमिगत हो गए थे। प्रेम पुणे भाग गया था।
वैष्णव समाज के पुलिस महानिरीक्षक रेंज जोधपुर व जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपने पर डीजी एमएल लाठर ने जांच के लिए एसआइटी गठित की थी। जिसमें उपाधीक्षक संपतसिंह, आनंदसिंह राजपुरोहित, निरीक्षक महेश श्रीमाली, रेणू ठाकुर, लोहावट थाना प्रभारी इमरान खान, एएसआइ अमानाराम, रामरख, हेड कांस्टेबल सुभाषचन्द्र, श्रवण कुमार, कांस्टेबल धीरेन्द्रपाल सिंह व देवाराम बिश्नोई शामिल थे।
तीनों युवक से थी मित्रता, डाल रहे थे दबाव
पुलिस का कहना है कि किशोरी की मां महिपाल के खेत पर काम करने जाती थी। एेसे में किशोरी की महिपाल से मित्रता हुई। दोनों में घनिष्ठता हो गई। इसके बाद महिपाल ने अपने मित्र प्रेम को किशोरी के बारे में बताया और मोबाइल नम्बर दे दिए थे। फिर बजरंग की किशोरी से मित्रता हो गई थी और मोबाइल पर बातचीत करने लग गए थे। वह उसका पीछा भी करता था। महिपाल व प्रेम किशोरी से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहे थे। वह तीनों से परेशान हो गई थी।
तीन मोबाइल मिलने पर मां-बहन ने डांटा
इस बीच, किशोरी के तीनों युवकों से मित्रता के बारे में मां व बहन को पता लग गया था। घर में किशोरी से तीन मोबाइल भी मिले थे। नाराज मां व बहन ने उलाहना देकर उसे डांटा भी था। यही वजह है कि ट्रैक पर मिले शव के पास सुसाइड नोट में तीनों युवकों के अलावा मां व बहन से परेशान होने का भी आरोप था।
गायब होने से संदेह, पकड़े तो स्वीकारोक्ति
आत्महत्या को दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज होने के बाद तीनों आरोपी गायब हो गए थे। जीआरपी थानाधिकारी किशनसिंह ने महिपाल को पकड़ा तो उसने मित्रता व संबंध बनाने के लिए दबाव डालना कबूल किया। प्रेम ढाका पुणे भाग गया था। जोधपुर लौटने के दौरान उसे पकड़ लिया गया। फिर बजरंग भी पकड़ में आ गया।