
महिला की हत्या के आरोपी।
जोधपुर.
उदयमंदिर थाना पुलिस ने जिला कलक्टर कार्यालय के पास फुटपाथ पर प्लास्टिक के कट्टे में महिला का शव मिलने की ब्लाइंड हत्या का खुलासा कर रविवार को एक युगल को गिरफ्तार किया। मृतका मानसिक बीमार थी और कचरा बीनकर व भीख मांगकर आरोपियों के साथ रहती थी। रुपए न देने के विवाद में युगल ने जसवंत सराय के कमरे में गला घोंटकर हत्या के बाद शव कट्टे में डालकर फुटपाथ पर फेंक दिया था।
आइपीएस व सहायक पुलिस आयुक्त (पूर्व) हेमंत कलाल ने बताया कि गत 8 मई की सुबह कलक्टर कार्यालय के बाहर फुटपाथ पर कट्टे में हाथ-पांव बंधा महिला का शव मिला था। जिसकी पहचान डीडवाना-कुचामन जिले में कड़वों की ढाणी निवासी कंचन देवी उर्फ पूजा (45) पत्नी कैलाशचन्द्र दर्जी के रूप में हुई।
आस-पास के लोगों व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच के बाद थानाधिकारी सीताराम खोजा व एसआइ मनोज कुमार के नेतृत्व में कुचामन तहसील में कुकनवाली गांव निवासी पिंटू (27) पुत्र देवाराम खटीक व उसके साथ रहने वाली पिंकी (32) पत्नी कैलाश खटीक को गिरफ्तार किया गया। मानसिक बीमार होने से मृतका को भीख मिल जाती थी। आरोपियों ने रुपए मांगे थे, लेकिन उसने देने से मना कर दिया था। इस पर गत 7 मई की देर रात गला घोंटकर कंचन की हत्या कर दी थी।
एएसआइ दलीपसिंह, साइबर एक्सपर्ट राकेशसिंह, डीएसटी प्रभारी एएसआइ श्यामसिंह, हेड कांस्टेबल सोहनसिंह, कांस्टेबल सूरजाराम, कमलेश, अकरम व सुमित्रा ने जयपुर में तलाश के बाद युगल को पकड़ा और जोधपुर लाए।
थानाधिकारी सीताराम खोजा ने बताया कि दोनों आरोपी अपने बच्चों व मृतका के साथ तीन दिन से जसवंत सराय के कमरे में रह रहे थे। आरोपियों को रुपए की जरूरत थी, लेकिन कंचन ने रुपए नहीं दिए थे दोनों ने उसकी हत्या कर दी थी। हाथ पांव बांधकर शव कट्टे में डाल दिया था। भारी भरकम सामान के साथ बस स्टैण्ड जाने का बताकर 8 मई की अल-सुबह अंधेरे-अंधेरे सराय में कमरे तक ऑटो बुलाई गई थी। आरोपियों ने राइकाबाग रेलवे स्टेशन के बाहर कलक्टर कार्यालय परिसर की दीवार के पास ही ऑटो रोक दी थी। ऑटो के रवाना होते ही शव का कट्टा फुटपाथ पर छोड़ आरोपी रेलवे स्टेशन आकर जयपुर भाग गए थे।
कट्टे में शव मिलने के बाद पुलिस ने आस-पास के लोगों से शिनाख्त के प्रयास किए थे। बस स्टैण्ड के एक गार्ड ने मृतका को दो लोगों के साथ भीख मांगते व कचरा बीनते देखा था। आरोपी पिंटू का किसी से झगड़ा व फिर राजीनामा हुआ था। राजीनामा में मिले मोबाइल नम्बर से तलाश के बाद दोनों आरोपियों को पकड़ा जा सका।
मृतका का एक पुत्र भी है, लेकिन मानसिक बीमार होने से घरवालों ने उसे छोड़ दिया था। वह जोधपुर में खानाबदोश की तरह रहती थी। पुलिस ने पुत्र से सम्पर्क कर जोधपुर आने का आग्रह किया, लेकिन उसने असमर्थता जताई थी। तब भाकरासनी में रहने वाले भाई को बुलाकर शिनाख्त व अग्रिम कार्रवाई करवाई गई। पोस्टमार्टम के बाद शव उसे सुपुर्द किया गया।
Updated on:
12 May 2025 12:09 am
Published on:
12 May 2025 12:09 am
