
महिला डॉक्टर से डिजिटल अरेस्ट के आरोपी।
जोधपुर.
कुड़ीभगतासनी थाना पुलिस ने डेंटल कॉलेज की महिला डॉक्टर को डरा धमकाकर डिजिटल अरेस्ट रखने व छह लाख रुपए ऐंठने के मामले में गुजरात व केरल के साथ-साथ स्थानीय गैंग भी शामिल थी। पुलिस ने गिरोह का खुलासा कर चाचा व भतीजे को गिरफ्तार किया। चार अन्य खाता धारक व अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि गत 22 सितम्बर को मूलत: जयपुर में सिरसी रोड हाल जोधपुर में डेंटल कॉलेज परिसर निवासी डॉ. नम्रता माथुर ने डिजीटल अरेस्ट व छह लाख रुपए वसूलने की एफआइआर दर्ज करवाई थी। यह राशि पांच बैंक खातों में जमा की गई थी। इनकी जांच में स्थानीय गिरोह के शामिल होने का पता लगा। थानाधिकारी राजेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में पुलिस ने तलाश के बाद खाता धारक गुड़ाबिश्नोइयान में खावा का मोहल्ला निवासी कालूराम पुत्र हरिराम बिश्नोई और उसके भतीजे प्रवीण 22 पुत्र सांवराराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। ठगी में प्रयुक्त खाता कालूराम का था। भतीजा प्रवीण खाते को ऑपरेट कर रहा था। इस खाते में 1.60 लाख रुपए जमा हुए थे। यह राशि आरोपियों से बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. नम्रता के पास 20 सितम्बर को पुलिस वर्दी पहने एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल किया था। अपना नाम विजय खन्ना बताने वाले ठग ने बैंक खाते में अवैध तरीके से राशि जमा होने की जानकारी दी थी। साथ ही वाट्सऐप पर नरेश गोयल मनी लॉड्रिंग मामले केदस्तावेज की फोटो भेजकर 247 एटीएम कार्ड जब्त करने और सीबीआइ जांच का डर दिखाया था। इतना ही नहीं, ठग ने डिजिटल कस्टडी के पेपर भी भेज थे। इससे महिला डॉक्टर घबरा गईं थी। ठग ने वीडियो कॉल कर डिजिटल अरेस्ट की जानकारी दी थी। वीडियो कॉल काटने पर तुरंत की धमकी दी गई थी। उससे पांच खातों में छह लाख रुपए जमा करवा लिए गए थे।
जांच में सामने आया कि ठग गैंग में न सिर्फ जोधपुर बल्कि गुजरात के जामनगर और केरल के बदमाश भी शामिल हें। मुख्य आरोपी जामनगर के होने का अंदेशा है। एक खाता कालूराम बिश्नोई और दो-दो बैंक खाते नागौर के नावा व केरल के लोगों से किराए पर लेने का अंदेशा है। फिलहाल पुलिस ने अन्य खाताधारकों की पहचान भी की है। जिन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आरोपी चाचा व भतीजे टेलीग्राम ऐप के मार्फत ठग गिरोह के सम्पर्क में आए थे। बैंक खाता किराए पर देने के बदले उन्हें मोटी राशि का लालच दिया गया था। चाचा व भतीजे की मोबाइल पर ठग गिरोह के सरगना से बात होती थी। खाते में राशि जमा होते ही अलग-अलग बैंकों में ट्रांसफर कर ली गई थी।
Published on:
26 Sept 2024 12:18 am
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