
पहले से टोटा, तबादलों के बाद और कमी की आशंका
जोधपुर. प्रदेश में लगभग दस साल बाद तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले भी खुलने से जहां अरसे से स्थानांतरण की उम्मीद बांधे बैठे शिक्षकों में खुशी है, वहीं ग्रामीणों को नई चिंता ने घेर लिया है। इनका कहना है कि दूरदराज के गांव-ढाणियों में पहले से ही तृतीय श्रेणी शिक्षकों की कमी है और अब तबादले होने के बाद और ज्यादा कमी हो जाने की आशंका है। हालांकि शिक्षा विभाग ने केवल खाली स्थानों पर तबादलों की बात की है, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते ऐसा होता दिख नहीं रहा। अभी से तबादले के इच्छुक शिक्षकों ने विधायकों-नेताओं के यहां जुगाड़ बिठाना शुरू कर दिया है।
जोधपुर में तृतीय श्रेणी के सर्वाधिक शिक्षक प्रारंभिक शिक्षा विभाग में है। विभाग में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 5213 स्वीकृत पदों के मुकाबले 4440 पद ही भरे हुए हैं यानी 773 पद खाली हैं। इनमें से जोधपुर शहर में 101 और शेरगढ़ ब्लॉक में करीब 59 पद रिक्त हैं। प्रारंभिक सेटअप में ज्यादातर कार्यरत शिक्षक लेवल-1 के हैं।
दूरदराज की स्कूलों में दिक्कत
जानकारों का कहना है कि शिक्षा विभाग के कई स्कूल दूरदराज गांव-ढाणियों में हैं। बाहरी जिलों से आए कई शिक्षक इन स्कूलों में तैनात हैं। तबादले खोलने की घोषणा के बाद इनमें से अधिकांश शिक्षक वापस गृह जिले में लौटने की जुगत में हैं। विभाग ने ऐसे शिक्षकों के तबादले बड़ी संख्या में किए और अन्य शिक्षकों का पदस्थापन नहीं हुआ तो दूरदराज की गांव ढाणियों में स्थित स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेगी।
कहां कितनी कमी
बालेसर -46
बावड़ी-26
बाप-47
बापिणी-27
भोपालगढ़-24
बिलाड़ा-47
देचू-57
शहर-101
लोहावट-37
लूणी-57
मंडोर-33
ओसियां-40
फलोदी-45
पीपाड़ सिटी-49
सेखाला-49
शेरगढ़-59
तिंवरी-29
इनका कहना हैं...
राज्य सरकार अध्यापकों के खाली पद भी भर्तियों से भरेगी। जिस स्कूल में तबादला होगा, वहां नया शिक्षक भी तबादला कर लगाया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- डॉ. भल्लूराम खीचड, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जोधपुर
Published on:
19 Aug 2021 10:55 pm
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