
घूमर के ट्रेडिशनल स्टेप्स सिखा रही है जोधपुर की सीमा राठौड़, फ्रंास से मिला है आमंत्रण
जोधपुर. टीवी सीरियल्स और बॉलीवुड में घूमर का जो रूप देखने को मिलता है, जो हमारे ट्रेडिशनल घूमर से बहुत अलग नजर आता है। आवश्यकता है कि घूमर के ट्रेडिशनल स्टेप को प्रमोट किया जाए। पश्चिमी राजस्थान के प्रसिद्ध नृत्य ‘घूमर’ को ट्रेडिशनल स्टेप में प्रमोट करने जुटी है सूर्यनगरी की सीमा राठौड़। इंडिया स्टार आइॅकन अवार्ड विजेता सीमा ने बताया कि घूमर खुशियों के मौकों पर, विवाह समारोह, होली के त्योहार पर किया जाता है लेकिन सभी के गीत अलग होते हैं। मात्र 15 वर्ष की अवस्था में ही युवा एवं बाल वर्ग को प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया था। घूमर नृत्य की परम्परा को बचाए रखने के लिए राजस्थान और बाहर भी प्रशिक्षण शिविर संचालित करती है। हाल ही में सीमा को घूमर नृत्य प्रशिक्षण के लिए फ्रांस से भी आमंत्रण मिला है।
पता ही नहीं चला, घूमर से जुड़ाव हो गया
घर में विवाह समारोह और तीज त्योहारों के दिन दादीसा, बुआसा आदि परिवार की महिलाओं को नृत्य करते देखा...कब इसके प्रति जुड़ाव हुआ पता ही नहीं चला। सीमा की ओर से दिए जा रहे प्रशिक्षण से बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवतियां शामिल हो रही हैं। इंटैक जोधपुर चैप्टर की ओर से आयोजित एक दिवसीय घूमर नृत्यशाला के आयोजन के दौरान 80 मातृशक्ति को इस विधा में पारंगत किया। बकौल सीमा घूमर एक विरासत है जिसे हमारी युवा पीढ़ी को बचाना होगा।
Published on:
13 Jun 2019 01:35 pm
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