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रोज आ रहे टाइफाइड के दो-तीन मरीज, फिर भी गंदे पानी का ‘इलाज’ नहीं

जोधपुर शहर में साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया ने धावा बोल रखा है। नतीजतन हर रोज औसतन दो-तीन लोग टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। ये जलजनित बीमारी गंदे पानी से फैलती है और इसकी रोकथाम को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

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typhoid patients are increasing in hospitals of jodhpur

रोज आ रहे टाइफाइड के दो-तीन मरीज, फिर भी गंदे पानी का ‘इलाज’ नहीं

जोधपुर. जोधपुर शहर में साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया ने धावा बोल रखा है। नतीजतन हर रोज औसतन दो-तीन लोग टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। ये जलजनित बीमारी गंदे पानी से फैलती है और इसकी रोकथाम को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। सरकारी रिपोर्ट अनुसार गत दो दिन में टाइफाइड के करीब सात नए मरीज सामने आए हैं। गत दो माह में सौ से अधिक लोगों को टाइफाइड हुआ है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज का रिकार्ड खंगालने पर पिछले नौ माह में टाइफाइड के 7 सौ से अधिक रोगी सामने आ चुके हैं।

इस बीमारी से पीडि़त व्यक्ति के पाचन तंत्र और ब्लड स्ट्रीम में साल्मोनेला बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं। जिससे डायरिया, कमज़ोरी, उल्टी, बुखार और दर्द होता है। गंदे पानी, संक्रमित जूस या भोजन से साल्मोनेला बैक्टीरिया शरीर के अंदर प्रवेश करता है। इस बीमारी में शरीर के अंदर पानी की कमी हो जाती है। खाना पचना बंद हो जाता है। इसलिए मरीज को हल्का खाना दिया जाता है।

इनका कहना है
टाइफाइड जलजनित बीमारी है। ये बीमारी गंदे पानी के सेवन से होती है। बारिश के बाद इसके रोगी ज्यादा आते हंैं। जहां पर गंदगी है, वहां टाइफाइड हमेशा से मौजूद रहा है। चिंता की बात ये है कि सबकुछ पता होते हुए भी ये बीमारी रुक नहीं पा रही है। इसकी रोकथाम के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है।
- डॉ. नवीन किशोरिया, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज