जोधपुर . एकादशी के कारण सोमवार को न्यायालय परिसर में आसाराम के समर्थकों की रेलमपेल लगी रही।। एसीजेएम तीन तथा एससीएसटी कोर्ट में आसाराम को पेश करने के दौरान समर्थक बेकाबू हो गए। पुलिस जाब्ता कम होने के कारण समर्थक आसाराम को देखने चारों तरफ से दौड पड़े, कुछ देर के लिए कोर्ट परिसर में अफरा तफरी का माहौल हो गया। कोर्ट रूम के अंदर जाते वक्त आसाराम ने समर्थकों पर नाराजगी जताते हुए वहां से चले जाने का हाथ से इशारा भी किया। ढाई घंटे की सुनवाई के बाद कारागार जाते समय तक समर्थक कोर्ट परिसर में डटे रहे।
जबकि अन्य दिनों के विपरीत पुलिस समर्थकों के साथ नरमी का व्यवहार करते हुए व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह करती दिखी।
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काल डिटेल से घटना की पुष्टि नहीं होती – बचाव पक्ष
एससीएसटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा की अदालत में चल रहे पोक्सो एक्ट के मामले में आसाराम के अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा ने अंतिम बहस करते हुए रिलायंस कम्यूनिकेशन के नोडल अधिकारी के बयान पढ़े तथा कहा कि इन बयानों में यह स्वीकारोक्ति है कि बहुत सी डिटेल ऐसी भी है जो उसने जाँच अधिकारी को दी ही नही थी। ये डिटेल कहाँ से आई उसे नहीं पता। काल डिटेल एक हजार से अधिक पन्नो की है। बचाव पक्ष ने कहा कि 15 अगस्त 2013 की रात 11 बजे के बाद से पीडि़त लड़की के द्वारा किए गए मैसेज और काल की डिटेल पेश नहीं की गई, नोडल अधिकारी से की गई जिरह में यह बात सामने आई कि उक्त डिटेल सीबीआई अधिकारी ने मांगी ही नहीं थी। बचाव पक्ष ने आसाराम को बेकसूर बताते हुए कहा कि अनुसंधान अधिकारी चंचल मिश्रा ने जानबूझकर ऐसा किया जिससे झूठी कहानी बनाई जा सके और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सके। समय अभाव के कारण बहस पूरी नहीं हो पाई। मंगलवार को इसी मामले की सुनवाई फिर से होगी।