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बाबू पहलवान हत्याकांड: चार दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ, न वजह मिली ना हत्यारों का सुराग लगा

घर में घुसकर व्हील चेयर पर बैठे पहलवान की हत्या मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं।  

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babu pahalwan murder case of Jodhpur

babu pahalwan murder case of Jodhpur

विजय चौक में किसान छात्रावास के सामने स्थित मकान में व्हील चेयर पर बैठे बाबू पहलवान की हत्या की गुत्थी अभी तक उलझी हुई है। वारदात के चार दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। न तो हत्या की वजह सामने आ पाई है और न ही हत्यारों का सुराग लगा है।

सदर कोतवाली थानाधिकारी इन्द्र सिंह ने बताया कि विजय चौक निवासी बाबू वैष्णव उर्फ बाबू पहलवान (75) की हत्या के मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल हत्यारों के साथ ही हत्या के कारणों का पता नहीं लग पाया है। ऑस्ट्रेलिया से आए मृतक के बड़े पुत्र नरेश से पुलिस ने बातचीत की, लेकिन हत्या की कोई ठोस वजह सामने नहीं आ सकी है। चारों हत्यारों का पता लगाने के लिए पुलिस ने हत्यारों को घर से निकलते हुए देखने वाली युवती की मदद से स्कैच बनाने का प्रयास किया, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है।


गौरतलब है कि गत 21 दिसम्बर की सुबह चार युवक बाबू पहलवान के घर में घुसे थे। उन्होंने सबसे पीछे वाले कमरे में व्हील चेयर पर बैठे बाबू का सफेद गमछे से गला घोंट दिया था। फिर ब्लेड से गला भी रेता था। मृतक के भाई पुरुषोत्तम की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

तीसरे दिन शव का हुआ पोस्टमार्टम


शहर के विजय चौक में किसान छात्रावास के सामने स्थित मकान में घुस कर व्हीलचेयर पर बैठे वृद्ध का गमछे से गला घोंटने के बाद ब्लेड से गला रेतने वाले चारों हत्यारों में से कम से कम एक युवक बाबू पहलवान का जानकार होने का अंदेशा है। यही वजह है कि गमछे से गला घोंट कर हत्या करने के बावजूद दस मिनट के अंतराल में ब्लेड से गला काटा गया था। आरोपियों को अंदेशा था कि गला घोंटने के बावजूद वह जिन्दा रह गया तो वो पकड़े जा सकते हैं। उधर, तीसरे दिन बड़े पुत्र के ऑस्टे्रलिया से पहुंचने पर शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम और फिर दाह संस्कार किया गया।

गमछे में फंसे मिले ब्लेड के टुकड़े


पुलिस व एमओबी जांच के बाद साक्ष्य जुटाने के लिए विधिविज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया था। तब तक पुलिस मान रही थी कि चाकू या अन्य धारदार हथियार से गला रेता गया था। एफएसएल जांच में बाबू पहलवान के गले में कस कर बंधे मिले गमछे में ब्लेड के टुकड़े बरामद हुए, जिससे यह बात साफ हो गई कि हत्यारों ने गला घोंटने के बाद ब्लेड से गला रेता भी था।

अंदेशा : सुपारी लेकर आए थे हत्यारे


पुलिस का मानना है कि गुरुवार सुबह 10.50 बजे नौकरानी के निकलते ही चारों युवक बाबू के घर में जा घुसे थे और सबसे पीछे कमरे में व्हीलचेयर पर बैठे बाबू का गमछे से गला घोंट दिया था। करीब दस-पंद्रह मिनट बाद वहां रखी एक ब्लेड से आगे से गला रेता गया था। यही वजह है कि गला रेतने के बाद भी हट्टे-कट्टे बाबू के शरीर से रक्त अधिक नहीं निकला था। आसपास के लोगों की मानें तो हत्यारे ग्रामीण परिवेश के लग रहे थे। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि उन्हें रुपए यानी सुपारी दे कर बुलाया जा सकता है।

घर आने-जाने वालों से पूछताछ


पुलिस की जांच मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ ही तंत्र-मंत्र व झाड़-फूंक के लिए घर आने जाने वालों के ईदगिर्द घूम रही है। मृतक की कॉल डिटेल निकलवाई गई है। उस आधार पर संदिग्ध नम्बर की पड़ताल की जा रही है। वहीं बाबू के मकान में तंत्र-मंत्र व झाड़-फूंक और मेलड़ी माता की पूजा अर्चना के लिए आने वालों से भी एक-एक कर के दिन में पूछताछ की गई। फिलहाल पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।

तीसरे दिन पोस्टमार्टम व दाह संस्कार


सदर कोतवाली थानाधिकारी इंद्रसिंह का कहना है कि मृतक के बड़े पुत्र नरेश के ऑस्ट्रेलिया से शनिवार सुबह जोधपुर पहुंचने के बाद महात्मा गांधी अस्पताल में बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फिर शव का दाह संस्कार किया गया। पुलिस ने मकान की चाबी बड़े पुत्र के सुपुर्द कर दी है।


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