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दिवाली से पहले झटका, संभाग मुख्यालय से गांवों तक कटौती, किसान सड़कों पर, प्रदेश भर में बिजली की भारी कमी

देशव्यापी कोयले की कमी के कारण विद्युत उत्पादन में 3 हजार मेगावाट बिजली की कमी
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जोधपुर

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Chen Raj

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Updated: 8 Oct 2017, 3:04 PM IST

electricity crisis in Rajasthan

electricity crisis in Rajasthan

देशव्यापी कोयले की कमी के कारण विद्युत उत्पादन में 3 हजार मेगावाट बिजली की कमी के कारण प्रदेश में बिजली संकट आ गया है। संभाग मुख्यालय से गांवों तक बिजली कटौती शुरू कर दी गई है। रबी की तैयारियों में जुटे किसानों को भारी झटका लगा है। वे सड़कों पर उतर आए है। कटौती से नाराज जोधपुर के ओसियां क्षेत्र के बेटवासिया गांव में सैकड़ों किसानों ने जीएसएस पर करीब तीन घंटे प्रदर्शन किया। दीपावली से पहले बिजली संकट ने बिजली तैयारियों को भारी झटका दिया है। फिलहाल हालात सुधरने जैसी स्थिति नहीं दिख रही है।

बिजली व्यवस्था के लिए सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही वृत स्तर पर नियन्त्रण कक्ष से अधीक्षण अभियन्ता व मुख्य अभियन्ता के द्वारा निगरानी की जाएगी। शनिवार को भी संभाग मुख्यालय से लेकर छोटे गांवों तक अघोषित कटौती रही, इससे उपभोक्ता खासे परेशान रहे।

आज संभाग मुख्यालय से लेकर गांवों तक पॉवर कट


जोधपुर डिस्कॉम की माने तो रविवार को संभाग मुख्यालय पर सुबह 9 से 11 बजे, जिला मुख्यालयों पर नगर पालिका क्षेत्रों में सुबह 11 से दोपहर 2 बजे, ग्रामीण फीडरों पर दोपहर 2 से 6 बजे तक 4 घण्टे विद्युत आपूर्ति नहीं की जा सकेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक समय के अलावा सुबह 5 से 8 बजे व शाम को 6 से रात 11 बजे को छोड़कर यदि घरेलू लोड के अलावा लोड आता है तो सिंगल फेज विद्युत आपूर्ति नहीं की जा सकेगी। खेती के लिए 5 घंटे के ब्लॉक कृषि उपभोक्ताओं को 5 घण्टे के तीन ब्लॉक सुबह 4 से 9 बजे तक, सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से शाम 7 बजे तक विद्युत आपूर्ति साप्ताहिक बदलते क्रम में की जाएगी। कहीं तय क्षमता की सीमा के कारण कृषि आपूर्ति चौथे ब्लॉक में भी करने की अनिवार्यता है तो उसे रात 11 से तड़के 4 बजे तक के ब्लॉक में की जाएगी।

प्रदेश के बिजली हालात पर एक नजर


प्रदेश में तापीय विद्युत उत्पाद संयत्र से 1500 मेगावाट के स्थान पर 730, कोटा से 1240 के स्थान पर 600, छबड़ा में 1000 के स्थान पर 635 मेगावाट व निजी क्षेत्र के आडानी पावर संयंत्र से 1200 के स्थान पर 616 मेगावाट ही बिजली उत्पादन हो रहा है। राजवेस्ट की 135 मेगावाट की 2 इकाईयों से भी बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है। कालीसिंघ से 1200 मेगावाट के स्थान पर 551 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। इस कारण प्रदेश में 3000 मेगावाट बिजली उत्पादन में कमी आ गई है। राज्य में 19,113 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता उपलब्ध है, जो कि राज्य की बिजली आपूर्ति के लिए भरपूर है, वर्तमान में औसत मांग लगभग 2100 लाख यूनिट के सापेक्ष राज्य के स्त्रोतों की बिजली उत्पादन क्षमता 2600 लाख यूनिट है, लेकिन कोयले की आपूर्ति में कमी के कारण यह स्थिति बनी है।







बिजली हालात पर पूरी नजर


कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन घटा है, इस कारण बिजली संकट पैदा हुआ है। पूरे हालात पर नजर है। संभाग मुख्यालय से गांवों तक कटौती का शेड्यूल बनाया गया है। कृषि कनेक्शन को भी पर्याप्त बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। अति आवश्यक सेवाएं कटौती से मुक्त रहेंगी। - आरती डोगरा, प्रबंध निदेशक, जोधपुर डिस्कॉम।