प्रदेश में तापीय विद्युत उत्पाद संयत्र से 1500 मेगावाट के स्थान पर 730, कोटा से 1240 के स्थान पर 600, छबड़ा में 1000 के स्थान पर 635 मेगावाट व निजी क्षेत्र के आडानी पावर संयंत्र से 1200 के स्थान पर 616 मेगावाट ही बिजली उत्पादन हो रहा है। राजवेस्ट की 135 मेगावाट की 2 इकाईयों से भी बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है। कालीसिंघ से 1200 मेगावाट के स्थान पर 551 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। इस कारण प्रदेश में 3000 मेगावाट बिजली उत्पादन में कमी आ गई है। राज्य में 19,113 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता उपलब्ध है, जो कि राज्य की बिजली आपूर्ति के लिए भरपूर है, वर्तमान में औसत मांग लगभग 2100 लाख यूनिट के सापेक्ष राज्य के स्त्रोतों की बिजली उत्पादन क्षमता 2600 लाख यूनिट है, लेकिन कोयले की आपूर्ति में कमी के कारण यह स्थिति बनी है।