
Jodhpur police on hunger strike against no hike in salary
देश की आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली पुलिस पिछले चार दिन से भूखे पेट कार्य कर रही है। वेतन कटौती के विरोध के साथ ही वेतन संबंधी विभिन्न मांगों को लेकर जोधपुर शहर व ग्रामीण पुलिस के जवान चार दिन से मैस का बहिष्कार किए हुए हैं। ऐसे में न तो पुलिस लाइन के मैस में खाना बन रहा है और न ही पुलिस स्टेशन के मैस में चूल्हा जल पाया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने गत दिनों एक आदेश जारी कर पुलिस जवानों के वेतन में कटौती की थी। इसको लेकर पिछले सोमवार से राज्य के सभी जिलों में पुलिसकर्मी गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार से मैस का बहिष्कार कर रखा है। जिसके तहत मैस में न तो खाना बन रहा है और न ही जवान खाना खा रहे हैं। वे भूखे पेट ही ड्यूटी कर रहे हैं। जिसकी वजह से कई जवानों के स्वास्थ्य में गिरावट शुरू हो गई है।
यह है प्रमुख मांगें व एजेंण्डा
- वेतन की कटौती न की जाए।
- केन्द्र की भांति 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की जाए।
- हार्ड ड्यूटी बेसिक का पचास प्रतिशत किया जाए अथवा आठ घंटे ड्यूटी तय की जाए।
- मैस अलाउंस कम से कम चार हजार रुपए हो।
- मैस अलाउंस व हार्ड ड्यूटी इनकम टैक्स फ्री हो।
- कांस्टेबल का पे ग्रेड 3600 रुपए हो।
- कांस्टेबल की योग्यता 12वीं पास या स्नातक की जाए।
- कांस्टेबल को थर्ड ग्रेड की श्रेणी में माना जाए।
- साप्ताहिक अवकाश दिया जाए।
वहीं राज्य सरकार द्वारा वेतन वृद्धि रोकने व वेतन कटौती करने के विरोध में पुलिस थाना फलोदी के पुलिसकर्मियों ने गुरुवार को काली पट्टी बांधकर काम किया तथा मैस का बहिष्कार किया। एएसआई शैतानाराम, अखेसिंह भाटी, हैडकांस्टेबल जबराराम, रामाकिशन जांगू, कांस्टेबल खुमाणाराम आदि पुलिसकर्मियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों की वेतन वृद्धि रोकने व वेतन कटौती करने के विरोध में काली पट्टी बांध कर विरोध किया तथा 9 सूत्री मांगों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
Published on:
13 Oct 2017 10:32 am
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