1 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर रेल हादसा : सो रहे थे मुसाफिर और जोर की आवाज से खुली आंख

जोधपुर के पीलार रेलवे फाटक पर रेल हादसे ने यात्रियों की नींद उड़ा दी। अगर गार्ड की बात मान ली जाती तो यह हादसा टल जाता। डंपर चालक की लापरवाही के चलते

3 min read
Google source verification
jodhpur rail accident

jodhpur rail accident

जोधपुर को प्रधानमंत्री मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी को जोडऩे वाली मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन के ब्रेक सुबह सूर्यनगरी पहुंचने से पहले शहर से कुछ ही दूरी पर लग गए। पहले से गाड़ी विलम्ब से होने के कारण यात्रियों को जोधपुर पहुंचने की जल्दी थी। जैसे ही जोधपुर नजदीक आने का समाचार मिला, तो कुछ नींद से जग गए तो कुछ सामान समेटने की तैयारी में थे। इस बीच ही ट्रेन के बनाड़ के पास पीलार के बालाजी मंदिर मानव रहित रेलवे फाटक पर पहुंचते ही जोरदार झटके के साथ टक्कर लगने की तेज आवाज आई तो यात्रियों की नींद उड़ गई।

कोई सोता हुआ गिर गया
कोई सोता हुआ गिर गया। कईयों का सामान बिखर गया। खड़े यात्री भी संभल नहीं पाए। एकबारगी ट्रेन में हड़कंप मच गया कि एेसा क्या हो गया कि तेज झटका लगा। यात्री कुछ समझ पाते इससे पहले तो आगे के डिब्बों के यात्री चिल्लाने लग गए। ट्रेन को ब्रेक कर दिया गया। देखा तो पता चला कि एक डम्पर पटरियों किनारे ट्रेन की चपेट के बाद पड़ा है। कुछ देर बाद सभी यात्रियों ने एक-दूसरे को संभाला और भगवान का शुक्रगुजार किया कि हादसे में बच गए। ट्रेन में सवार यात्रियों के चेहरे पर घबराहट जोधपुर पहुंचने तक भी देखी जा रही थी।

गार्ड रोकता रहा, लेकिन डम्पर चालक नहीं माना
रेलवे फाटक पर रविवार सुबह मरुधर एक्सप्रेस और बजरी डंपर के बीच हुआ हादसा टल सकता था। लेकिन डंपर चालक ने फाटक पर खड़े गार्ड की आवाज को अनसुना कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मानव रहित फाटक संख्या १६१ पर सुबह करीब ६ बजकर १० मिनट पर मरुधर एक्सप्रेस के सामने अचानक बजरी से भरा डंपर निकल रहा था। गेट पर मौजूद गार्ड ने डंपर चालक को ट्रेन आने की बात कहते हुए उसे रुकने को कहा था, लेकिन उसने गार्ड की बात को अनसुना करते हुए गेट को पार करने का प्रयास किया और हादसा हो गया। हालांकि लोको पायलट की सावधानी से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन और डंपर की टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर गेट से करीब ६०० मीटर आगे तक घसीटते हुए दो हिस्सों में बंट गया। हादसे में ट्रेन का इंजन भी डंपर से टकराने से क्षतिग्रस्त हो गया।

सहम गए यात्री, पैदल ही निकल पड़े

हादसे के बाद ट्रेन में सवार यात्री इतने सहम गए कि कोई पैदल तो कुछ बसों से जोधपुर के लिए निकल गए। गनीमत रही कि ट्रेन हादसे के दो मिनट पहले ही बनाड़ स्टेशन से निकली थी। इसलिए ट्रेन की स्पीड ज्यादा नहीं थी। टे्रन में सवार अमेठी यूपी निवासी दिनेश यादव ने बताया कि अपने १०-१५ साथियों के साथ जोधपुर स्टेशन आने का इंतजार कर रहे थे। कि उससे पहले ही हादसा हो गया। लेकिन लोको पायलट ने संतुलन नहीं खोया, जिससे जनहानि नहंी हुई।

डंपर के आगे कैम्पर में कर रहे थे पेट्रोलिंग

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अवैध बजरी से भरे डंपर के पीछे एक कैंपर में डंपर मालिक का बेटा पेट्रोलिंग कर रहा था। जो हादसे के बाद मौके से भाग गया। हादसे के बाद घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ट्रेन सवार यात्रियों ने भी अपने-अपने परिवारों को हादसे की जानकारी मोबाइल दे रहे थे। मौके पर खड़े कुछ युवकों ने बताया कि एक साथ चार डंपर थे, जिसमें से तीन पार हो गए थे। लेकिन पीछे था जो हादसे का शिकार हो गया।

फाटक रात में रहता सूना

पीलार के बालाजी स्थित मानव रहित रेलवे फाटक संख्या १६१ रात में सूना ही रहता है। तो सुबह जल्दी गार्ड ड्यृटी पर आता है। फाटक के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने बताया कि इस फाटक से पूरी रात अवैध बजरी से भरे डंपर गुजरते हैं।