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इस खूंखार गैंगस्टर के पीछे था एक इश्किया चेहरा, पढ़ें शातिर अपराधी लॉरेंस की लव स्टोरी

पत्रिका डॉट कॉम की स्पेशल रिपोर्ट में पढ़ें शातिर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की लव स्टोरी  

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Lawrence Bishnoi Love Story and Biography in Hindi

Lawrence Bishnoi Love Story and Biography in Hindi

जोधपुर . राजस्थान की धरती यूं तो वीर लड़ाकों की धरती रही है। यहां के राजपूत दिलेर और बहादुर रहे थे। अपनी माटी के लिए जान तक देने को कुर्बान रहने वाले थे और हैं यहां के वीर सिपाही... इन सबके बावजूद प्रदेश हमेशा से शांत माना जाता रहा। पूरे देश में राजस्थान की छवि बहुत ही सौम्य थी। इनमें भी पश्चिमी राजस्थान के शहर जोधपुर को सबसे शांत शहर माना जाता रहा था।

अब जहां की बोली में ही मिठास हो, वहां के लोग भी तो अमन पसंद ही होंगे, लेकिन नीली दीवारों वाले इस शहर को शायद किसी की नजर लग गई। एक के बाद एक बदमाश गैंग यहां आतंक मचाती रही। हद तो तब हो गई जब बाहर की गैंग भी यहां आकर यहीं के बाशिंदों को धमकाने लगी। उनके घरों, वाहनों पर फायरिंग करने लगी। इन्हीं गैंग्स में से एक है लॉरेंस गैंग।

तनी खूंखार कि कोई मजाक बना दे तो उसे भी ना छोड़े। राजस्थान के लोग अब तक आनंदपाल को ही खौफ का दूसरा नाम मानते थे, लेकिन पिछले एक दो साल में लोगों के सामने डर का एक नया चेहरा उभरा है... जिसका नाम है लॉरेंस.. चेहरे से मासूम सा दिखने वाला ये लड़का होगा कोई 25-30 साल का, लेकिन कारनामे ऐसे कि लोग सुन कर ही थरथरा जाएं।

आपके मन में भी आता होगा कि लॉरेंस के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई बनने के पीछे भी कोई मजबूत वजह रही ही होगी। तो हम आपको बता दें कि जैसा आप सोच रहे हैं। बिल्कुल वैसा ही है। दरअसल ये एक फिल्मी कहानी की तरह है।

जहां एक अल्हड़ उम्र में एक लड़का और लड़की मोहब्बत के पाश में बंधते हैं। प्यार परवान चढ़ता जाता है और उधर दुनिया बेरहम होती जाती है। लॉरेंस के करीबियों की मानें तो वो पहले ऐसा नहीं था। उसकी गर्लफ्रैंड के साथ वो मजे से दिन गुजार रहा था। आइए आपको बताते हैं इस खूंखार डॉन का इश्किया चेहरा...

बचपन की दोस्त से लगा था इश्क का रोग
लॉरेंस और उसकी प्रेयसी चौधरी (परिवर्तित नाम) दोनों अबोहर के कॉन्वेंट स्कूल से दसवीं तक साथ पढ़े थे। यहीं से दोनों का प्यार परवान चढ़ा था। बड़े होने पर अमूमन जहां बचपन का प्यार छूट जाता है, इन दोनों का प्यार और गहरा होता गया। चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई भी दोनों ने साथ ही की। वर्ष 2008 में इसने सोपू की ओर से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ा, जिसमें हार गया था।

विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की हार से दूसरे पक्ष से लॉरेंस की दुश्मनी हो गई थी। चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में एक दिन दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और फायरिंग करने लगे। ये वारदात जैसे लॉरेंस के जीवन में प्यार का ग्रहण लगा गई। सामने वाले पक्ष से गहरी दुश्मनी के चलते लॉरेंस को प्रेयसी को खोना पड़ा।

लॉरेंस को जानने वाले बताते हैं कि दूसरे पक्ष ने प्रेयसी को जिंदा आग के हवाले कर दिया और इसे हादसे का रूप दे दिया। इसी केस के बाद लॉरेंस ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद कई जगह अपराध किए। मासूम से दिखने वाले लॉरेंस के खिलाफ हत्या, हथियार सप्लाई व फायरिंग समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं।

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