
Lawrence conspired to kill Jodhpur businessman vasudev
दहशत में ला कर रंगदारी वसूल करने के लिए पहले 19 जून को सरदारपुरा सी रोड पर मोबाइल शोरूम में घुस कर गोलियां चलाई गई थी, लेकिन डरने के बजाय मोबाइल व्यवसायी वासुदेव उलटे उन्हें ही गालियां देता था। उसे सबक सिखाने के लिए लॉरेंस के इशारे पर मास्टर माइण्ड हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट ने भोमाराम विश्नोई की मदद से उसकी हत्या की साजिश रची थी। हरेन्द्र की ओर से मुहैया करवाए गए हथियार से भोमाराम ने गत 17 सितम्बर की देर रात शोरूम के बाहर वासुदेव को गोली मार दी थी। मामले की अब तक की जांच और साढ़े सात महीने बाद पकड़ में आए हरेन्द्र और शूटर भोमाराम से अब तक की पूछताछ में यह स्पष्ट हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं है। वह जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करने से पहले लॉरेंस के खिलाफ ठोस सुबूत और गवाह जुटाने की कोशिश कर रही है।
हत्या में लॉरेंस की भूमिका साबित करना चुनौतीपूर्ण
वासुदेव की हत्या 17 सितम्बर को हुई थी। उन दिनों लॉरेंस विश्नोई सीकर जिले के पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या के आरोप में एसओजी के रिमाण्ड पर था। ऐसे में पुलिस के लिए यह साबित करना मुश्किल है कि वासुदेव की हत्या लॉरेंस ने ही करवाई थी। हालांकि उसकी हत्या की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी, लेकिन तब भी वह अजमेर जेल में ही था। यही वजह है कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने से पहले ठोस साक्ष्य व सुबूत जुटाना चाहती है, ताकि उसे कोर्ट में भी साबित किया जा सके।
अब तक एक दर्जन गिरफ्तार
वासुदेव हत्याकाण्ड में अब तक विनोद उर्फ विक्की प्रजापत, पूनमचंद विश्नोई, हरीश प्रजापत, फारूक अली, नरपतलाल उर्फ नरेश जोशी, हिस्ट्रीशीटर पवन सोलंकी, नाथूलाल देवासी, श्यामसुंदर प्रजापत, भैरोसिंह, हरेंद्र उर्फ हीरा जाट, लॉरेंस का भाई अनमोल, भोमाराम विश्नोई व अमन पकड़े जा चुके हैं। हरेन्द्र व अनमोल को हत्याकाण्ड में गिरफ्तार करना है।
हत्याकाण्ड के सभी आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ का कहना है कि हरेन्द्र व भोमाराम के पकड़ में आने के बाद वासुदेव हत्याकाण्ड के सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मामले की जांच अभी जारी है। पकड़ में आने वाले सभी लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं। उसी के इशारे पर हत्या की गई है। हत्या के दौरान चूंकि वह अभिरक्षा में था, ऐसे में उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाने के बाद कोई कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
22 Oct 2017 01:49 pm
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