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Gangster लॉरेंस की मां को था अपने ही बेटे के कारण जान का खतरा, जहां-जहां छुपी, बेटे ने वहीं कराई फायरिंग

फायरिंग होने पर जोधपुर छोड़ दिया था लॉरेंस की मां व भाई ने  

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gangster lawrence bishnoi

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मोबाइल व्यवसायी की गोली मारकर हत्या करने का मास्टर माइण्ड हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट एक पखवाड़े से अधिक समय तक गांधीनगर में छुपा था। पंजाब व हरियाणा में पुलिस की तलाश तेज होने पर वह गांधीनगर आ गया था। वहां लॉरेंस का भाई अनमोल विश्नोई एक मित्र के साथ किराए फ्लैट के फ्लैट में रह रहा था। अनमोल ने हरेन्द्र को वहां रख लिया था। एक पखवाड़े तक वहां रहने के बाद 18 अक्टूबर को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। पंजाब में लॉरेंस की वजह से जान का खतरा होने पर उसका भाई अनमोल व मां लम्बे समय तक जोधपुर में रहे थे, लेकिन मार्च में लॉरेंस के इशारे पर फायरिंग शुरू होने के बाद उसने जोधपुर छोड़ दिया था। लॉरेंस की मां व भाई को पंजाब में जान का खतरा था, तो वे जोधपुर आ गए थे, लेकिन लॉरेंस ने यहां भी फायरिंग शुरू करा दी। इसके बाद दोनों जोधपुर छोड़ कर चले गए।

लॉरेंस की भूमिका के बारे में होगी पूछताछ


सरदारपुरा थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रकरण में गिरफ्तार हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट व लॉरेंस के भाई अनमोल के साथ रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर अमनप्रीत उर्फ अमना उर्फ पटवारी व नई सड़क हनुमान भाखरी निवासी खिमांशु गहलोत को अदालत में पेश किया गया। अमनप्रीत को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के निर्देश दिए गए। खिमांशु का रिमाण्ड पांच दिन और बढ़ा दिया गया। हरेन्द्र व अनमोल को भी पांच-पांच दिन रिमाण्ड पर भेजने के निर्देश दिए गए। तीनों आरोपियों को छह नवम्बर को कोर्ट में पेश किया जाएगा। हरेन्द्र से लॉरेंस की भूमिका के बारे में पूछताछ की जा रही है। साथ ही फरारी के दौरान छुपने वाले ठिकाने की तस्दीक भी कराई जाएगी।

पुलिस की गलती से एक हुई लॉरेंस व आनंदपाल गैंग


पुलिस हिरासत से भागने के बाद गत दिनों एनकाउंटर में आनंदपाल सिंह के मारे जाने के बाद पुलिस व जनता को उसकी गैंग से निजात मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसे जोधपुर पुलिस की अदूरदर्शिता कहें अथवा चूक कि फायरिंग मामले में पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई को जोधपुर सेन्ट्रल जेल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल भेजे जाने के बाद लॉरेंस ने आनंदपाल सिंह की गैंग से हाथ मिला लिया। जिसके फलस्वरूप आनंदपाल सिंह के साथी सुभाष मूण्ड के कहने पर जेल में बैठे-बैठे लॉरेंस ने सीकर के पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या करवा दी थी। इन सबका खुलासा होने के बाद पुलिस के माथे पर चिंता की लकीरें बढऩे लगी है।

पंजाब नहीं भेजा, तो चलीं गोलियां

पंजाब में फाजिल्का जिले में अबोहर तहसील के दुतारवली निवासी लॉरेंस विश्नोई को जोधपुर पुलिस गत 29 मार्च को पंजाब की पटियाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करके लाई थी। पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद रहने के दौरान उसने जोधपुर में दो जगह फायरिंग व एक जगह फायरिंग का प्रयास करवाया था। तीनों प्रकरणों में गिरफ्तार व अनुसंधान के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था। वापिस पंजाब न भेजने का परिणाम रहा कि 19 व 20 जून को शहर में फिर गोलियां चलीं। तब जोधपुर पुलिस के आग्रह पर जेल प्रशासन ने 21 जून को लॉरेंस को अजमेर जिले की घूघरा घाटी स्थित हाई सिक्योरिटी जेल भिजवा दिया था, लेकिन लॉरेंस ने वहां से भी सीकर में पूर्व सरपंच को गोली मरवा दी थी। इतना ही नहीं उसी के इशारे पर गत सत्रह सितम्बर को जोधपुर में वासुदेव इसरानी की हत्या की गई थी।