
मंडोर पंचायत समिति की प्रधान अनुश्री पुनिया के विरुद्ध पंचायत समिति के सभी 15 सदस्यों ने अविश्वास व्यक्त किया है। सभी सदस्यों ने सोमवार शाम जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रदीप गवाण्डे को इस आशय का प्रस्ताव सौंपा। गवाण्डे ने सभी 15 सदस्यों की एक-एक कर हाजिरी ली। इसके बाद प्रस्ताव को नोटशीट पर अंकित कर लिया। संभावना है कि नियमावली देखने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए तारीख तय की जा सकती है। मंडोर पंचायत समिति में प्रधान अनुश्री पूनिया को मिलाकर 17 सदस्य थे। एक सदस्य के सदस्यता त्यागने के बाद 16 सदस्य बचे। उप प्रधान प्रेमसिंह खीची के नेतृत्व में सोमवार शाम को प्रधान को छोड़ सभी 15 सदस्य जिला परिषद पहुंचे और हस्ताक्षरयुक्त अविश्वास प्रस्ताव सीईओ को सौंपा। करीब दो घण्टे सभी सदस्य जिला परिषद में रहे। अविश्वास प्रस्ताव सौंपते समय सभी सदस्यों ने बारी-बारी से सीईओ के समक्ष उपस्थिति दर्ज करवाई। तीन साल से चल रही खींचतान मंडोर प्रधान बनने के बाद तीन साल से पूनिया व अन्य सदस्यों के बीच खींचतान चल रही है। प्रेमसिंह खीची का कहना है कि वे स्थाई समितियों की बैठकें समय पर नहीं करवाती हैं। बैठकों में जो मिनट्स होते हैं, उन्हें हुबहू नहीं लिखा जाता है। पंचायत समिति की संचित निधि का भी दुरुपयोग किया जा रहा है। बैठकों को पंचायत समिति के बाहर के सदस्य भी आ जाते हैं। समिति में विकास भी बाधित हो रहा है।
वोटिंग होगी, फिर पदच्युत
अब अविश्वास प्रस्ताव पर जिला परिषद सीईओ निर्णय लेंगे। वे इस पर पंचायत समिति के सदस्यों के बीच वोटिंग करवाएंगे। वोटिंग में अगर प्रधान के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है तो उन्हें पद से हटना पड़ेगा।
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प्रधान का फोन नो रिप्लाईअविश्वास प्रस्ताव के बारे में पक्ष जानने के लिए प्रधान अनुश्री पूनिया से मोबाइल पर सम्पर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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प्रस्ताव ले लिया, आज निर्णय
मैंने मण्डोर पंचायत समिति सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव ले लिया है। नियम व कानून देखकर उस पर मंगलवार को निर्णय करूंगा।
डॉ. प्रदीप के गवाण्डे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, जोधपुर